tumko lagta hai magar koi yahaañ saccha nahin | तुमको लगता है मगर कोई यहाँ सच्चा नहीं

  - Vikas Shah musafir
तुमकोलगताहैमगरकोईयहाँसच्चानहीं
हरकिसीपरयूँँतरसजानाभीअच्छानहीं
ख़ुदकासौदाबापकरताघरचलानेकेलिए
औरयहाँपरबच्चोंसेइकबापभीचलतानहीं
चश्ममेंउम्मीदहैजोवोबनायेरखनातुम
होगाकोईरहनुमासबमेंगुमाँहोतानहीं
जाचुकीथीजोवोफिरसेचाहतीहैलौटना
मेरीख़ुद-दारीहैयेमुड़करउसेदेखानहीं
कुछबचानइँमैंनेखोदीसारीदुनियाइसतरह
क्याकरूँँमुझकोमनानेकाहुनरआतानहीं
ख़ुदामुझपरदयाकरनामुहब्बतअबहो
हाँमुहब्ब्तकादिखावामुझसेेअबहोगानहीं
  - Vikas Shah musafir
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