ai musafir bataa kya hai vo dastaan | ऐ मुसाफ़िर बता क्या है वो दास्ताँ

  - Vikas Shah musafir
मुसाफ़िरबताक्याहैवोदास्ताँ
क्याहुआक्यूँभटकताहैदर-दरयहाँ
उसकाकुछभीनहींअबबचाहैयहाँ
इसक़दरहैजलाउठरहाहैधुआँ
जिससेेउम्मीदथीवोदग़ाकरगया
उसनेजलताहुआछोड़ामेरामकाँ
अबकिसीसेयहाँइश्क़होगानहीं
अपनेलफ़्ज़ोंसेमैंकरताहूँयेबयाँ
लौटकरआएगागरमुझेढूँढता
मेरीमय्यतउसेफिरमिलेगीयहाँ
भरगयाइसजहाँसेयेतन-मनमेरा
मैंबनाऊँगाअपनानयाआसमाँ
  - Vikas Shah musafir
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