in bahaaron men koi aise bache patte nahin hain | इन बहारों में कोई ऐसे बचे पत्ते नहीं हैं

  - Vikas Shah musafir
इनबहारोंमेंकोईऐसेबचेपत्तेनहींहैं
जोहवाकेइम्तियाज़-ए-हुस्नसेहिलतेनहींहैं
सारीबरकतजलनेवालोंकीदु'आसेहैयहाँपर
वर्नाअपनाकहनेवालेयादभीकरतेनहींहैं
गरतुझेमुझकोजगहदेनीहैअपनीरूहमेंदे
हमभीतोअबहरकिसीकीरूहमेंबसतेनहींहैं
करकेभीअबज़िदसक्याहीहोगाहासिलइश्क़मुझको
जोबहुतशिद्दतसेकरतेहैंवोअबमिलतेनहींहैं
पासहोकरउनसेेमेराफ़ासलाबढ़क्यूँरहाये
उनकीमर्ज़ीहैयामुझकोखोनेसेडरतेनहींहैं
उनकेजानेसेअबक्यूँउड़गएयेबाग़-भँवरे
अपनीआदतसेमुझेवोऐसेतोलगतेनहींहैं
येख़ुदाकाशुक्रहैहममरगएतुमपेनहींतो
हमवोथेजोज़हरखाकेभीकभीमरतेनहींहैं
कुछनहींहैअबमुसाफ़िरतेरेगुलदस्तेमेंमहफ़ूज़
अबतोवोतेरीख़मोशीभीकभीपढ़तेनहींहैं
  - Vikas Shah musafir
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