chhod paaya nahin chhodta rah gaya | छोड़ पाया नहीं छोड़ता रह गया

  - Vikas Shah musafir
छोड़पायानहींछोड़तारहगया
दिलयेचुपचापटूटामेरारहगया
चाँदनीरातमेंउसकीयादेंरहीं
जैसेसूरजकहींडूबतारहगया
उसकीशादीकाथाजश्नथेसबवहाँ
औरमेराख़ूँयहाँखौलतारहगया
फूलमहकाकिसीऔरकेघरमेरा
मालीमैंफूलकोपालतारहगया
उसकीख़ुशबूजोकमरेमेंआईमेरे
ज़ख़्मउसकेदिएनोचतारहगया
मेरीआँखोंनेहरख़्वाबजबखोदिए
फिरमैंसबकीनज़रचूमतारहगया
उसकीमुस्कानदेखीतोमैंरोउठा
बसमैंफिरख़ुदकोयूँँथामतारहगया
  - Vikas Shah musafir
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