desh azaad hai par ab bhi salaamat nahin hai | देश आज़ाद है पर अब भी सलामत नहीं है

  - Vikas Shah musafir
देशआज़ादहैपरअबभीसलामतनहींहै
देशमेराहैमगरमेरीशहादतनहींहै
ग़मजहाँकोहैतोलोगोंकीख़ुशीसेहैबस
लोगोंकोअपनीपरेशानीसेआफ़तनहींहै
बाज़हीनापतेतूफ़ाँमेंफ़लककोयहाँपर
कागकोऐसीबुलंदीमिलेचाहतनहींहै
तूजोभीकररहाहैसाफ़दिखाईदेरहा
मेरीइनआँखोंकोचश्मेंकीज़रूरतनहींहै
भागतामैंरहाइकउम्रतलकपीछेतेरे
प्यारतेरामिलेगरतोभीक़िल्लतनहींहै
साथहोकरभीहोनेकेबराबरथीवो
अबमिलेयामिलेमुझकोशिकायतनहींहै
  - Vikas Shah musafir
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