vo kabhi thaanata kuchh bhi ho saktaa tha | वो कभी ठानता कुछ भी हो सकता था

  - Muntazir suraj
वोकभीठानताकुछभीहोसकताथा
आनेकोरास्ताकुछभीहोसकताथा
यादमुझकोकोईकियाउम्रभर
हिचकियोंसेमिराकुछभीहोसकताथा
क़ैसकेहालसेहैकिसेरब्तपर
वोपलटदेखताकुछभीहोसकताथा
एकहीशक्लग़मचाहिएथाकोई
औरवोग़म-ज़दाकुछभीहोसकताथा
एकतस्वीरकेहमसहारेजिए
औरउसकेसिवाकुछभीहोसकताथा
दोस्तबादायाऔरतमुयस्सरहमें
जोसहाराथाकुछभीहोसकताथा
  - Muntazir suraj
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