जितनाभीहमजिएउतनेहीपरेशानरहे
होगएख़ाकतोभीदर्दसेसोज़ानरहे
ज़िन्दगीजीनसकूँगाकभीभीचैनसेमैं
मेरेसीनेमेंअगरज़िंदायेअरमानरहे
हमतलबगार-ए-रिहाई-ए-मुहब्बतथेमगर
उम्रभरकेलिएहमक़ैदी-ए-ज़िंदानरहे
बुत-परस्तीकासिलातोहमेंमिलनाहीथा
साँसचलतीथीमगरजिस्मसेबे-जानरहे
बादा-ए-नाबहैयेज़िन्दगीयाख़ून-ए-जिगर
कोईबतलादेतोता-उम्रयेएहसानरहे
एकभीगुलनखिलामेरेइनअश्कोंसेकभी
जानेकितनेमेरीआँखोंमेंबयाबानरहे
मिस्ल-ए-तहरीरहैयेहुस्नयामिस्ल-ए-नग़्मा
जितनाभीदेखातुझेउतनेहीहैरानरहे