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Kavi Naman bharat
aañsuon ka yahaañ ye virah aankh se
aañsuon ka yahaañ ye virah aankh se | आँसुओं का यहाँ ये विरह आँख से
- Kavi Naman bharat
आँसुओं
का
यहाँ
ये
विरह
आँख
से
हम
यहाँ
रोज़
आँसू
हैं
पीते
रहे
चंद
वर्षों
में
इतने
जनम
हैं
जिए
रोज़
मरना
पड़ा
रोज़
जीते
रहे
- Kavi Naman bharat
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सुकून
देती
थी
तब
मुझको
वस्ल
की
सिगरेट
अब
उसके
हिज्र
के
फ़िल्टर
से
होंठ
जलते
हैं
Upendra Bajpai
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हिज्र
में
इश्क़
यूँँ
रखा
आबाद
हिचकियाँ
तन्हा
तन्हा
लेते
रहे
Siraj Tonki
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हमारे
दरमियाँ
जो
प्यार
से
पहले
की
यारी
थी
बिछड़
कर
अब
ये
लगता
है
वो
यारी
ज़्यादा
प्यारी
थी
बिछड़ना
उसकी
मर्ज़ी
थी,
उसे
उतरन
न
कहना
तुम
वो
अब
उतनी
ही
उसकी
है
वो
तब
जितनी
तुम्हारी
थी
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Alankrat Srivastava
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हिज्र
में
तुमने
केवल
बाल
बिगाड़े
हैं
हमने
जाने
कितने
साल
बिगाड़े
हैं
Anand Raj Singh
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उस
हिज्र
पे
तोहमत
कि
जिसे
वस्ल
की
ज़िद
हो
उस
दर्द
पे
ला'नत
की
जो
अशआ'र
में
आ
जाए
Vipul Kumar
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तू
परिंदा
है
किसी
शाख़
को
घर
कर
लेगा
जो
तेरे
हिज्र
का
मारा
है
किधर
जाएगा
Shadab Javed
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बता
रहा
है
झटकना
तेरी
कलाई
का
ज़रा
भी
रंज
नहीं
है
तुझे
जुदाई
का
मैं
ज़िंदगी
को
खुले
दिल
से
खर्च
करता
था
हिसाब
देना
पड़ा
मुझको
पाई-पाई
का
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Azhar Faragh
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बिछड़
के
तुझ
सेे
न
देखा
गया
किसी
का
मिलाप
उड़ा
दिए
हैं
परिंदे
शजर
पे
बैठे
हुए
Adeem Hashmi
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तेरी
गली
को
छोड़
के
पागल
नहीं
गया
रस्सी
तो
जल
गई
है
मगर
बल
नहीं
गया
मजनूँ
की
तरह
छोड़ा
नहीं
मैं
ने
शहर
को
या'नी
मैं
हिज्र
काटने
जंगल
नहीं
गया
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Ismail Raaz
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सरकार
कहने
लग
गया
वो
सीधे
नाम
से
जो
हम-क़लाम
कम
था
मेरे
पहले
नाम
से
मुझ
सेे
बिछड़
के
अपना
कोई
नाम
रख
लियो
सब
लोग
जानते
हैं
तुझे
मेरे
नाम
से
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Rishabh Sharma
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जब
कभी
निज
मिलन
को
जो
हम
जाते
हैं,
कुछ
अगर
हो
गिला
वो
भी
कम
जाते
हैं
मोह
जब
तक
रहे,
रोते
रहते
हैं
सब,
इक
समय
बाद
आँसू
भी
थम
जाते
हैं
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Kavi Naman bharat
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विरह
से
विकल
इस
हृदय
की
कराहें
हमारे
अधूरे
मिलन
और
राहें
तड़प
बस
हमें
तो
रही
है
तुम्हारी
तुम्हारे
सिवा
हम
किसे
और
चाहें
मुलाक़ात
तुम
सेे
नहीं
हो
रही
है
मुझे
याद
आती
तुम्हारी
निगाहें
यही
बात
हमको
रुलाती
रही
है
नए
साजना
अब
नई
और
बाहें
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Kavi Naman bharat
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मिला
हर
ग़म
पुराना
अब,
हमें
है
भाता
जानेमन
उन्हीं
ग़म
के
सहारे
दिल,
तुम्हें
है
पाता
जानेमन
अगर
तुम
छोड़
कर
हमको,
न
जाती
इस
तरह
से
तो
ज़माना
जीतने
का
दम,
कहाँ
से
आता
जानेमन
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भले
हो
सामने
मख़मल
मगर
हम
रह
नहीं
सकते
दिशा
प्रतिकूल
हो
लेकिन
अभी
हम
बह
नहीं
सकते
है
असमंजस
यही
जीवन
की
राहों
का
सुनो
यारों
जिसे
हम
सह
नहीं
सकते
उसे
ही
कह
नहीं
सकते
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प्यार
ख़ुद
से
मिलाता
ये
कहते
हैं
सब
प्यार
ने
पर
हमें
हम
सेे
तन्हा
किया
Kavi Naman bharat
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