hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mohit Subran
vo haadsa jo nahin beeta hai abhii mujh par
vo haadsa jo nahin beeta hai abhii mujh par | वो हादसा जो नहीं बीता है अभी मुझ पर
- Mohit Subran
वो
हादसा
जो
नहीं
बीता
है
अभी
मुझ
पर
उसी
के
ख़ौफ़
से
दिल
मेरा
ख़ौफ़
खाता
है
- Mohit Subran
Download Sher Image
तुम्हारे
ख़त
को
जलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
ये
दिल
बाहर
निकलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
तुम्हारा
फ़ैसला
है
पास
रुकना
या
नहीं
रुकना
मेरी
क़िस्मत
बदलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
18 Likes
आप
चाहें
तो
कहीं
और
भी
रह
सकते
हैं
दिल
हमारा
है
तो
मर्ज़ी
भी
हमारी
होगी
Shamsul Hasan ShamS
Send
Download Image
4 Likes
अगर
हमारे
ही
दिल
में
ठिकाना
चाहिए
था
तो
फिर
तुझे
ज़रा
पहले
बताना
चाहिए
था
Shakeel Jamali
Send
Download Image
42 Likes
गले
मिलना
न
मिलना
तो
तेरी
मर्ज़ी
है
लेकिन
तेरे
चेहरे
से
लगता
है
तेरा
दिल
कर
रहा
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
569 Likes
न
तेरे
आने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
न
दिल
लगाने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
क़सम
ख़ुदा
की
बताता
हूँ
राज़
ये
तुमको
नहारी
खाने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
Read Full
Paplu Lucknawi
Send
Download Image
23 Likes
हम
मिल
के
आ
गए
मगर
अच्छा
नहीं
लगा
फिर
यूँँ
हुआ
असर
कि
घर
अच्छा
नहीं
लगा
इक
बार
दिल
में
तुझ
सेे
जुदाई
का
डर
बना
फिर
दूसरा
कोई
भी
डर
अच्छा
नहीं
लगा
Read Full
Shriyansh Qaabiz
Send
Download Image
50 Likes
मैं
जब
सो
जाऊँ
इन
आँखों
पे
अपने
होंट
रख
देना
यक़ीं
आ
जाएगा
पलकों
तले
भी
दिल
धड़कता
है
Bashir Badr
Send
Download Image
75 Likes
जैसे
तू
हुक्म
करे
दिल
मिरा
वैसे
धड़के
ये
घड़ी
तेरे
इशारों
से
मिला
रक्खी
है
Anwar Masood
Send
Download Image
27 Likes
दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
Send
Download Image
82 Likes
जब
ज़रा
रात
हुई
और
मह
ओ
अंजुम
आए
बार-हा
दिल
ने
ये
महसूस
किया
तुम
आए
Asad Bhopali
Send
Download Image
21 Likes
Read More
ऐ
मिरी
मौत
मुझे
तुझ
पे
तरस
आ
रहा
है
ले
मैं
ये
ज़ीस्त
तिरे
नाम
किए
देता
हूँ
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
ख़ुद
को
खोना
रहा
है
बाक़ी
बस
बाक़ी
सब
तो
खो
ही
चुका
हूँ
मैं
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
ज़ेहन
ज़ख़्मी
है
बद-ख़यालों
से
बात
गर
नफ़सियाती
की
जाती
Mohit Subran
Send
Download Image
1 Like
कितने
नेता
हैं
जिन्होंने
रैली
कर
कर
नारे
बेचे
कुछ
नहीं
सूझा
उन्हें
जब
तो
उन्होंने
वादे
बेचे
ये
हमारा
देश
है
जो
क्या
यहाँ
बिकता
नहीं
है
एक
ने
तो
क़स
में
खा
खा
झूट
बेचे
जुमले
बेचे
Read Full
Mohit Subran
Send
Download Image
2 Likes
तमाम
ज़िन्दगी
ये
बात
मैं
न
भूलूँगा
किसी
ने
याद
न
रक्खा
ये
याद
रक्खूँगा
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khyaal Shayari
Promise Shayari
Zindagi Shayari
Intiqam Shayari
Raaz Shayari