hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mohit Subran
vahii kali hai vahii phool hai vahii gul hai
vahii kali hai vahii phool hai vahii gul hai | वही कली है वही फूल है वही गुल है
- Mohit Subran
वही
कली
है
वही
फूल
है
वही
गुल
है
मगर
मैं
देखता
हूँ
बाग़बान
इक
नया
है
- Mohit Subran
Download Sher Image
गुलशन
से
कोई
फूल
मुयस्सर
न
जब
हुआ
तितली
ने
राखी
बाँध
दी
काँटे
की
नोक
पर
Unknown
Send
Download Image
41 Likes
बहरस
ख़ारिज
हूँ
ये
मालूम
है
पर
तुम्हारी
ही
ग़ज़ल
का
शे'र
हूँ
Gyan Prakash Akul
Send
Download Image
42 Likes
चाँद
चेहरा
ज़ुल्फ़
दरिया
बात
ख़ुशबू
दिल
चमन
इक
तुम्हें
दे
कर
ख़ुदा
ने
दे
दिया
क्या
क्या
मुझे
Bashir Badr
Send
Download Image
78 Likes
पहले
पानी
को
और
हवा
को
बचाओ
ये
बचा
लो
तो
फिर
ख़ुदा
को
बचाओ
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
36 Likes
हज़ारों
साल
नर्गिस
अपनी
बे-नूरी
पे
रोती
है
बड़ी
मुश्किल
से
होता
है
चमन
में
दीदा-वर
पैदा
Allama Iqbal
Send
Download Image
206 Likes
ये
जिस्म
तंग
है
सीने
में
भी
लहू
कम
है
दिल
अब
वो
फूल
है
जिस
में
कि
रंग-ओ-बू
कम
है
Pallav Mishra
Send
Download Image
23 Likes
साथ
चलते
जा
रहे
हैं
पास
आ
सकते
नहीं
इक
नदी
के
दो
किनारों
को
मिला
सकते
नहीं
उसकी
भी
मजबूरियाँ
हैं
मेरी
भी
मजबूरियाँ
रोज़
मिलते
हैं
मगर
घर
में
बता
सकते
नहीं
Read Full
Bashir Badr
Send
Download Image
83 Likes
नदी
को
कोसते
हैं
सब
किसी
के
डूब
जाने
पर
नदी
में
डूबते
को
पर
कोई
तिनका
नहीं
देता
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
6 Likes
किसी
के
होठ
समुंदर
में
भी
तरसते
रहे
किसी
की
प्यास
को
सहरा
में
मिल
गया
पानी
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
3 Likes
नदी
आँखें
भँवर
ज़ुल्फ़ें
कहाँ
तैरूँ
कहाँ
डूबूँ
कि
तेरे
शहर
में
सब
की
अदाएँ
एक
जैसी
हैं
Divyansh "Dard" Akbarabadi
Send
Download Image
8 Likes
Read More
ज़रा
सा
चूक
गया
मैं
तुझे
समझने
में
वगरना
ज़ीस्त
तिरी
धज्जियाँ
उड़ाता
मैं
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
खेल
ये
टी
आर
पी
का
एक
दिन
तुम
देखना
मुल्क
में
कोई
भयानक
हादसा
करवाएगा
Mohit Subran
Send
Download Image
2 Likes
बहुत
मुश्किल
है
मैं
इस
सख़्त-हालत
से
निकल
पाऊँ
बहुत
मुमकिन
है
मैं
शायद
इसी
हालत
में
मर
जाऊँ
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
सच
की
कितनी
बड़ी
सज़ा
देगा
हद
से
हद
सर
मिरा
उड़ा
देगा
ये
तो
दस्तूर
है
ज़माने
का
सब
को
अपना
कोई
दग़ा
देगा
वक़्त
देगा
भी
गर
मुझे
कुछ
तो
आँसुओं
के
सिवाए
क्या
देगा
वो
मिरे
दुख
को
जानता
ही
नहीं
जो
मुझे
जीने
की
दु'आ
देगा
क्यूँ
बनूँ
आसरा
किसी
का
मैं
कौन
बदले
में
आसरा
देगा
Read Full
Mohit Subran
Download Image
0 Likes
हर
इक
लम्हे
में
हम
हँसते
हुए
माना
नहीं
होते
मगर
ऐसे
भी
तो
रो
रो
के
यूँँ
ज़ाया'
नहीं
होते
बिता
तू
भी
रहा
है
ज़िन्दगी
तन्हाइयों
में
ही
अगर
हम
साथ
होते
आज
तो
तन्हा
नहीं
होते
Read Full
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Justaju Shayari
Aazaadi Shayari
Violence Shayari
Mayoosi Shayari
Teer Shayari