hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mohit Subran
khel ye t aar pee ka ek din tum dekhna
khel ye t aar pee ka ek din tum dekhna | खेल ये टी आर पी का एक दिन तुम देखना
- Mohit Subran
खेल
ये
टी
आर
पी
का
एक
दिन
तुम
देखना
मुल्क
में
कोई
भयानक
हादसा
करवाएगा
- Mohit Subran
Download Sher Image
तिरी
दौलत
का
जादू
है
जो
तुझ
तक
खींच
लाया
है
वगरना
भाई
मेरे
सुन
ये
तेरी
भी
नहीं
होती
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
ये
दुनिया
एक
मंडी
है
नहीं
इस
के
सिवा
कुछ
भी
यहाँ
जिस
को
भी
देखो
बिकने
को
तैयार
बैठा
है
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
न
ढाल
पाया
सभी
आँसुओं
को
शे'रों
में
कुछ
एक
अश्क
को
आँखों
से
ही
बहाना
पड़ा
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
ख़ुद
को
उस
वक़्त
निखारा
होता
तो
बुलंदी
पे
सितारा
होता
रोकता
कौन
हमें
दुनिया
में
फिर
गर
उधर
से
भी
इशारा
होता
धूल
से
भर
गई
गुल्लक
वर्ना
मैं
तुझे
सब
से
पियारा
होता
जिस्म
जज़्बात
जिगर
को
मैंने
और
किसी
तन
में
उतारा
होता
यूँँ
न
उलझाता
लटें
ज़िन्दगी
की
ज़ुल्फ़
को
इस
की
सँवारा
होता
बहता
हूँ
दर्द
के
जिस
दरिया
में
कोई
तो
इसका
किनारा
होता
रास
बर्बादी
ही
आई
वर्ना
मैं
हर
इक
आँख
का
तारा
होता
लम्हा
जो
गुज़रा
दो
लम्हे
पहले
लम्हा
वो
हँस
के
गुज़ारा
होता
क्यूँ
दी
आवाज़
तुझे
डूबते
वक़्त
काश
तुझ
को
न
पुकारा
होता
Read Full
Mohit Subran
Download Image
0 Likes
मिला
जो
दर्द
यहाँ
से
वहाँ
से
सब
मैं
ने
लिखी
ग़ज़ल
उसी
के
सीने
में
उतार
दिया
Mohit Subran
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Rishta Shayari
Hug Shayari
Irada Shayari
Ishaara Shayari
Pollution Shayari