khud ko us waqt nikhaara hota | ख़ुद को उस वक़्त निखारा होता

  - Mohit Subran
ख़ुदकोउसवक़्तनिखाराहोता
तोबुलंदीपेसिताराहोता
रोकताकौनहमेंदुनियामेंफिर
गरउधरसेभीइशाराहोता
धूलसेभरगईगुल्लकवर्ना
मैंतुझेसबसेपियाराहोता
जिस्मजज़्बातजिगरकोमैंने
औरकिसीतनमेंउताराहोता
यूँँउलझातालटेंज़िन्दगीकी
ज़ुल्फ़कोइसकीसँवाराहोता
बहताहूँदर्दकेजिसदरियामें
कोईतोइसकाकिनाराहोता
रासबर्बादीहीआईवर्ना
मैंहरइकआँखकाताराहोता
लम्हाजोगुज़रादोलम्हेपहले
लम्हावोहँसकेगुज़ाराहोता
क्यूँदीआवाज़तुझेडूबतेवक़्त
काशतुझकोपुकाराहोता
  - Mohit Subran
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