ख़्वाब जन्नत के दिखाने वाले

  - MIR SHAHRYAAR
ख़्वाबजन्नतकेदिखानेवाले
हमनहींझाँसेमेंआनेवाले
कोईकश्तीभीबनाईहोती
जा-ब-जादरियाबनानेवाले
जिस्मसेजाननिकलजातीहै
मुड़केमतदेखयूँँजानेवाले
जोथाबे-रंगकभीउसनेभी
सीखेहैंढंगज़मानेवाले
येतोसहराहैकोईतूनेक्या
सोचाथाबस्तीबसानेवाले
राएगानीकागिलाक्यामुझसे
पूछाथामुझकोबनानेवाले
किससेरूठाहुआहैआजतूऔर
हैंकहाँतेरेमनानेवाले
कुछसुराग़-ए-रह-ए-मंज़िलतोछोड़
आख़िरीशम्अबुझानेवाले
सोचलेपहलेयेआसाँनहींहै
हाथउल्फ़तकाबढ़ानेवाले
मुझकोमरनेदेबचानेसेतो
मररहाहूँमैंबचानेवाले
पहलेदीवारखड़ीहीक्यूँँकी
आजदीवारगिरानेवाले
जीनहींलगतानएमौसमोंमें
लौटदोस्तपुरानेवाले
जिसकीक़िस्मतमेंथातूउससेपूछ
मुझकोमुफ़्तमेंपानेवाले
ग़ज़लसरउठाहैंआजकहाँ
वोतिरेसुननेसुनानेवाले
  - MIR SHAHRYAAR
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