mujh sa ik shaKHs hoo-b-hoo mujh | मुझ सा इक शख़्स हू-ब-हू मुझ

  - MIR SHAHRYAAR
मुझसाइकशख़्सहू-ब-हूमुझ
में
करताहैमेरीजुस्तजूमुझ
में
ख़ुदसेभीदूरमैंचलाआया
अबनहींकोईआरज़ूमुझ
में
रौशनीकानिशाँभीबाक़ीनहीं
फैलीहैरातकू-ब-कूमुझ
में
कोईभीतोनहींमेरेअंदर
करताहैकौनगुफ़्तगूमुझ
में
मुझ
मेंमेरामैंभीनहींबाक़ी
इसक़दरबसाहैतूमुझ
में
पड़ीहैऐसीहिज्रकीसर्दी
जमगयाहैमिरालहूमुझ
में
तूअगरकोईआरज़ूहीहै
तेरीक्यूँँकरहोआरज़ूमुझ
में
जिसनेमेरेयक़ींकोमाराहै
बैठाहैक्यूँँवोक़िबला-रूमुझ
में
  - MIR SHAHRYAAR
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