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Manoj Devdutt
ye haath uske haath men hote
ye haath uske haath men hote | ये हाथ उसके हाथ में होते
- Manoj Devdutt
ये
हाथ
उसके
हाथ
में
होते
हम
कब
धुएँ
के
साथ
में
होते
- Manoj Devdutt
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जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
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सिर्फ़
तस्वीर
रह
गई
बाक़ी
जिस
में
हम
एक
साथ
बैठे
हैं
Ataul Hasan
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वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
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सँभलता
हूँ
तो
ये
लगता
है
जैसे
तुम्हारे
साथ
धोखा
कर
रहा
हूँ
Shariq Kaifi
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तुम्हारे
साथ
चलने
पर
जो
दिल
राज़ी
नहीं
होता
बहुत
पहले
हम
अपना
फ़ैसला
तब्दील
कर
लेते
Saleem Kausar
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दुश्मनी
कर
मगर
उसूल
के
साथ
मुझ
पर
इतनी
सी
मेहरबानी
हो
मेरे
में'यार
का
तक़ाज़ा
है
मेरा
दुश्मन
भी
ख़ानदानी
हो
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Akhtar Shumar
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हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
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Mohit Dixit
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राब्ता
लाख
सही
क़ाफ़िला-सालार
के
साथ
हम
को
चलना
है
मगर
वक़्त
की
रफ़्तार
के
साथ
Qateel Shifai
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मिले
किसी
से
गिरे
जिस
भी
जाल
पर
मेरे
दोस्त
मैं
उसको
छोड़
चुका
उसके
हाल
पर
मेरे
दोस्त
ज़मीं
पे
सबका
मुक़द्दर
तो
मेरे
जैसा
नहीं
किसी
के
साथ
तो
होगा
वो
कॉल
पर
मेरे
दोस्त
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Ali Zaryoun
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न
रोने
की
क़सम
दी
थी
उसने
तभी
से
मुस्कुराकर
रोता
हूँ
Manoj Devdutt
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इक
ग़लती
अब
दो
बार
मैं
करता
नहीं
बस
इसलिए
भी
प्यार
मैं
करता
नहीं
हैं
लोग
करते
पीठ
पर
ही
बार
अब
पर
पीठ
पर
ही
वार
मैं
करता
नहीं
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Manoj Devdutt
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अब
ज़िंदगी
जीना
नहीं
छोड़
सकता
बस
इसलिए
पीना
नहीं
छोड़
सकता
छत
पर
रहा
करती
है
हर
शाम
को
वो
कमरा
रखो
ज़ीना
नहीं
छोड़
सकता
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Manoj Devdutt
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दूरी
मुझ
सेे
बढ़ा
रही
है
वो
दिल
कहीं
और
लगा
रही
है
वो
बात
करने
की
कह
के
सो
गई
वो
रात
भर
यूँँ
जगा
रही
है
वो
प्यार
पहली
दफ़ा
हुआ
मुझको
ये
किसे
अब
बता
रही
है
वो
आसमाँ
पर
बिठाया
था
उसने
अब
ज़मीं
में
दबा
रही
है
वो
आसमाँ
में
धुआँ
उठा
काला
ख़त
मेरे
सब
जला
रही
है
वो
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Manoj Devdutt
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ग़म
सभी
अपने
गवारा
करके
ख़ुश
थे
हम
तुझको
सितारा
करके
देखती
थी
वो
मुझे
पर
मैं
ही
तो
बुलाता
था
इशारा
करके
पूछता
है
वो
हमारी
मर्ज़ी
क़त्ल
पर
पहले
हमारा
करके
इश्क़
अब
इक
बार
कब
होता
है
देखना
तुम
भी
दुबारा
करके
साथ
ख़ुद
के
ख़ुश
नहीं
था
इतना
जितना
हूॅं
ख़ुद
को
तुम्हारा
करके
तुम
बनो
मेरा
सहारा
तो
मैं
ख़ुद
को
रखता
बे-सहारा
करके
है
ख़बर
होगा
नहीं
तेरे
बिन
फिर
भी
देखेंगे
गुजारा
करके
लौट
आऊँगा
जहन्नुम
से
मैं
तुम
बुलाना
बस
तुम्हारा
करके
दस्तरस
में
है
तेरे
अब
ये
देव
मस्त
रह
ग़म
से
किनारा
करके
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Manoj Devdutt
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