be-wajah tum muskuraate raho | बे-वजह तुम मुस्कुराते रहो

  - Manoj Devdutt
बे-वजहतुममुस्कुरातेरहो
एकउत्सवबसमनातेरहो
वोउजाड़ेंनफ़रतोंसेजहाँ
तुममोहब्बतसेसजातेरहो
सुखनिभाओमतनिभाओकभी
दुखमुकम्मलतुमनिभातेरहो
फूलमुरझातेरहेंगेयहाँ
गुलनएपरतुमलगातेरहो
होनहींसकताकिसीऔरका
हक़तुम्हींमुझपरजतातेरहो
बोलीप्यारीहैतुम्हारीहमें
गालियाँहीतुमसुनातेरहो
दिलदियातुमकोबड़ेप्यारसे
चाहोतोतुमदिलदुखातेरहो
  - Manoj Devdutt
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