aadaten jab KHaraab hone lagii | आदतें जब ख़राब होने लगी

  - Manoj Devdutt
आदतेंजबख़राबहोनेलगी
हाथमेंफिरशराबहोनेलगी
सिर्फ़तुझसेेहुईमोहब्बतहमें
औरफिरबे-हिसाबहोनेलगी
दुनियामेंठीकथाशुरूमेंसभी
दुनियाअबबे-नकाबहोनेलगी
ज़िन्दगीमेंबचीनहींरोशनी
फिरमाँइकआफ़ताबहोनेलगी
बोलनाहरदफ़ामुनासिबनहीं
कामयाबीजबाबहोनेलगी
कीमोहब्बतमनोजनेजिससेेअब
यादउसकीअज़ाबहोनेलगी
  - Manoj Devdutt
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy