apni yaadon ka har ik naqsh mitaate jaao | अपनी यादों का हर इक नक़्श मिटाते जाओ

  - Manish Kumar Pathak
अपनीयादोंकाहरइकनक़्शमिटातेजाओ
तुमनेसींचाहैजोवोपेड़गिरातेजाओ
शहरवालोंसेहीसीखाहैमैंनेयेभीफ़न
दिलमिलेंयामिलेंहाथमिलातेजाओ
छोड़केजातोरहेहोहमेंअंधेरेमें
चाँद-सूरजकेमगरख़्वाबदिखातेजाओ
अबयेलहरोंकेथपेड़ेनहींसहपायेगी
टूटतीनावकोतूफ़ाँसेबचातेजाओ
बिनलड़ेकटगएइसमर्तबादिनक़ुर्बतके
जातेजातेकोईइलज़ामलगातेजाओ
संगखाकरभीखिलातेरहोदुनियाकोफल
ख़ुदभलेखोरहोपरराहबतातेजाओ
  - Manish Kumar Pathak
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