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Jaypratap chauhan
mujhe man men basaakar kya karogi tum
mujhe man men basaakar kya karogi tum | मुझे मन में बसाकर क्या करोगी तुम
- Jaypratap chauhan
मुझे
मन
में
बसाकर
क्या
करोगी
तुम
मुझे
अपना
बनाकर
क्या
करोगी
तुम
मुझे
तो
लोग
अब
कहते
शराबी
हैं
मुझे
शरबत
पिलाकर
क्या
करोगी
तुम
मिरा
तो
अब
ठिकाना
मय-कदा
है
बस
मुझे
दिल
में
बसाकर
क्या
करोगी
तुम
सुनो
हारा
हुया
हूँ
ज़िंदगी
से
मैं
मुझे
सब
सेे
जिताकर
क्या
करोगी
तुम
- Jaypratap chauhan
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जो
गुज़ारी
न
जा
सकी
हम
से
हम
ने
वो
ज़िन्दगी
गुज़ारी
है
Jaun Elia
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कुछ
दिन
से
ज़िंदगी
मुझे
पहचानती
नहीं
यूँँ
देखती
है
जैसे
मुझे
जानती
नहीं
Anjum Rehbar
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ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
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ज़िंदगी
ज़िंदा-दिली
का
है
नाम
मुर्दा-दिल
ख़ाक
जिया
करते
हैं
Imam Bakhsh Nasikh
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शोर
की
इस
भीड़
में
ख़ामोश
तन्हाई
सी
तुम
ज़िन्दगी
है
धूप
तो
मद-मस्त
पुर्वाई
सी
तुम
चाहे
महफ़िल
में
रहूँ
चाहे
अकेले
में
रहूँ
गूँजती
रहती
हो
मुझ
में
शोख़
शहनाई
सी
तुम
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Kunwar Bechain
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तंग
आ
चुके
हैं
कशमकश-ए-ज़िंदगी
से
हम
ठुकरा
न
दें
जहाँ
को
कहीं
बे-दिली
से
हम
Sahir Ludhianvi
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तुम
भी
साबित
हुए
कमज़ोर
मुनव्वर
राना
ज़िन्दगी
माँगी
भी
तुमने
तो
दवा
से
माँगी
Munawwar Rana
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ज़िन्दगी
से
ऐसे
काटा
सीन
उसने
इश्क़
का
देखता
है
कोई
जैसे
फ़िल्म
गाने
काट
कर
Ankit Maurya
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ज़ख़्म
जो
तुम
ने
दिया
वो
इस
लिए
रक्खा
हरा
ज़िंदगी
में
क्या
बचेगा
ज़ख़्म
भर
जाने
के
बाद
Azm Shakri
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ज़िंदगी
मेरी
मुझे
क़ैद
किए
देती
है
इस
को
डर
है
मैं
किसी
और
का
हो
सकता
हूँ
Azm Shakri
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इक
दफा़
तुम
मिलो
तो
बताएँ
तुम्हें
प्यार
कितना
हमें
ये
दिखाएँ
तुम्हें
हम
ग़ज़ल
लिख
रहे
हैं
तुम्हारे
लिए
तुम
सुनो
गर
सनम
तो
सुनाएँ
तुम्हें
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Jaypratap chauhan
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याद
कर
ही
रहे
थे
उसे
आज
हम
और
फिर
आज
वो
सामने
आ
गई
आज
फिर
मौत
से
सामना
हो
गया
आज
कमबख़्त
फिर
मात
वो
खा
गई
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Jaypratap chauhan
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मोहब्बत
खा
गई
है
उम्र
मेरी
नहीं
तो
मैं
अभी
चौबीस
का
हूँ
Jaypratap chauhan
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कभी
मुझको
फ़क़त
वो
आप
कहती
थी
वही
लड़की
मिरा
अब
नाम
लेती
है
Jaypratap chauhan
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जाने
न
कुछ
भी
बे-ख़बर
ये
ज़िंदगी
लगने
लगी
अब
बे-असर
ये
ज़िंदगी
पड़ने
लगी
मेरे
बदन
पे
झुर्रियाँ
अब
तो
करे
मेरी
क़दर
ये
ज़िंदगी
कोई
न
है
रहबर
न
कोई
यार
है
ऐसे
नहीं
होगी
बसर
ये
ज़िंदगी
कोई
शिकायत
हो
अगर
कह
दो
मुझे
मुझ
पर
बची
है
मुख़्तसर
ये
ज़िंदगी
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Jaypratap chauhan
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