na koi ishq raha aur na mohabbat hai tumhein | न कोई इश्क़ रहा और न मोहब्बत है तुम्हें

  - Mahwar Sirsivi
कोईइश्क़रहाऔरमोहब्बतहैतुम्हें
साफ़ज़ाहिरहैकिअबमुझसेअदावतहैतुम्हें
मसअलाहलनहींहोगाकभीख़ामोशीसे
लबकोजुम्बिशदोअगरकोईशिकायतहैतुम्हें
मैंतुम्हेंछोड़केजाऊँयेनहींहोसकता
तुममुझेछोड़नाचाहोतोइजाज़तहैतुम्हें
तुमकिसीएककेरहतेनहींसिक्केकीतरह
वक़्तकेसाथबदलजानेकीआदतहैतुम्हें
खेलतेरहतेहोमासूमदिलोंसेअक्सर
खेलनादिलसेकोईशौक़नहींलतहैतुम्हें
ज़िंदगीरंगसेबे-रंगनज़रआएगी
तितलियाँक़ैदकरनायेनसीहतहैतुम्हें
मयहुईख़त्मतोसाक़ीनेकहाहज़रत-ए-क़ैस
अश्कपीलीजिएगरप्यासकीशिद्दतहैतुम्हें
मेरीतन्हाईमुझेदेखकेफ़रमातीहै
मेरेहोतेहुएऔरकिसकीज़रूरतहैतुम्हें
मेरेज़ख़्मोंपेनमकडालनेवालेमहवर
पूछतेहैंकोईदर-पेशमुसीबतहैतुम्हें
  - Mahwar Sirsivi
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