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Lekhak Suyash
tujh se bezaar kise ho paana hai
tujh se bezaar kise ho paana hai | तुझ से बेज़ार किसे हो पाना है
- Lekhak Suyash
तुझ
से
बेज़ार
किसे
हो
पाना
है
इस
सेे
आसाँ
तो
फिर
मर
जाना
है
- Lekhak Suyash
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रदीफ़ो-क़ाफ़िया-ओ-बह'र
का
भी
इल्म
है
लाज़िम
फ़क़त
दिल
टूट
जाने
से
कोई
शाइर
नहीं
बनता
Avtar Singh Jasser
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मेरा
ग़ुस्सा
है
मेरी
शा'इरी
में
तरन्नुम
में
कहाँ
अच्छा
लगेगा
Tanoj Dadhich
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एक
ग़लत-फ़हमी
ने
ज़िंदा
रक्खा
है
शे'र
मेरे
वो
चुपके
चुपके
पढ़ती
है
Tanoj Dadhich
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तिरी
ही
तरह
से
तुझको
रुलाए
है
बद्दुआ
तिरा
दिल
टूट
जाए
Parul Singh "Noor"
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भोले
बन
कर
हाल
न
पूछ
बहते
हैं
अश्क
तो
बहने
दो
जिस
से
बढ़े
बेचैनी
दिल
की
ऐसी
तसल्ली
रहने
दो
Arzoo Lakhnavi
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ले
लो
बोसा
अपना
वापस
किस
लिए
तकरार
की
क्या
कोई
जागीर
हम
ने
छीन
ली
सरकार
की
Akbar Merathi
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हमीं
तक
रह
गया
क़िस्सा
हमारा
किसी
ने
ख़त
नहीं
खोला
हमारा
मु'आफ़ी
और
इतनी
सी
ख़ता
पर
सज़ा
से
काम
चल
जाता
हमारा
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Shariq Kaifi
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रंजिश
ही
सही
दिल
ही
दुखाने
के
लिए
आ
आ
फिर
से
मुझे
छोड़
के
जाने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
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उम्र
भर
मेरी
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
जो
सबब
मेरी
ख़मोशी
के
लिए
काफ़ी
है
जान
दे
देंगे
अगर
आप
कहेंगे
हम
सेे
जान
देना
ही
मु'आफ़ी
के
लिए
काफ़ी
है
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Aakash Giri
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मैं
एक
किरदार
से
बड़ा
तंग
हूँ
क़लमकार
मुझे
कहानी
में
डाल
ग़ुस्सा
निकालना
है
Umair Najmi
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यूँँ
साथ
तो
न
जाने
क्या-क्या
नहीं
चला
हमराह
पर
वही
था
जो
साथ
थम
सका
Lekhak Suyash
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वो
आया
नहीं
है
अयादत
को
भी
मैं
जिस
को
मसीहा
समझता
रहा
Lekhak Suyash
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मरने
की
चाहतों
में
भी
जीते
चले
गए
घर
थे
वो
बद-नसीब
जहाँ
बाप
नइँ
रहे
Lekhak Suyash
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मैं
ने
जन्नत
से
हिजरत
की
थी
जन्नत
लगभग
तेरे
जैसी
थी
Lekhak Suyash
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चाहता
हूँ
कि
तू
जुदा
ही
रहे
ये
मोहब्बत
मुझे
सज़ा
ही
रहे
जानता
हूँ
तिरी
जफ़ाएँ
मगर
चाहता
हूँ
जफ़ा-कफ़ा
ही
रहे
ये
मोहब्बत
जो
मुब्तला
है
मुझे
सोचता
हूँ
तुझे
जज़ा
ही
रहे
चुप
हूँ
मैं
यार
सोचकर
के
यही
है
मोहब्बत
तो
इंतिहा
ही
रहे
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Lekhak Suyash
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