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Lekhak Suyash
marne kii chaahaton men bhi jeete chale ga.e
marne kii chaahaton men bhi jeete chale ga.e | मरने की चाहतों में भी जीते चले गए
- Lekhak Suyash
मरने
की
चाहतों
में
भी
जीते
चले
गए
घर
थे
वो
बद-नसीब
जहाँ
बाप
नइँ
रहे
- Lekhak Suyash
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हमारे
घर
के
रिश्तों
में
अभी
बारीकियाँ
कम
हैं
भतीजा
मार
खाता
है
तो
चाचा
बोल
देते
हैं
Nirbhay Nishchhal
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सफ़र
के
बाद
भी
ज़ौक़-ए-सफ़र
न
रह
जाए
ख़याल
ओ
ख़्वाब
में
अब
के
भी
घर
न
रह
जाए
Abhishek shukla
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पहले
कहता
है
जुनूँ
उसका
गिरेबान
पकड़
फिर
मेरा
दिल
मुझे
कहता
है
इधर
कान
पकड़
ऐसी
वहशत
भी
न
हो
घर
के
दरो
बाम
कहें
कोई
आवाज़
ही
ले
आ
कोई
मेहमान
पकड़
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Azbar Safeer
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गुमान
है
या
किसी
विश्वास
में
है
सभी
अच्छे
दिनों
की
आस
में
है
ये
कैसा
जश्न
है
घर
वापसी
का
अभी
तो
राम
ही
वनवास
में
है
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Azhar Iqbal
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अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
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इन
का
उठना
नहीं
है
हश्र
से
कम
घर
की
दीवार
बाप
का
साया
Unknown
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उन
के
होने
से
बख़्त
होते
हैं
बाप
घर
के
दरख़्त
होते
हैं
Unknown
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लोग
हर
मोड़
पे
रुक
रुक
के
सँभलते
क्यूँँ
हैं
इतना
डरते
हैं
तो
फिर
घर
से
निकलते
क्यूँँ
हैं
मोड़
होता
है
जवानी
का
सँभलने
के
लिए
और
सब
लोग
यहीं
आ
के
फिसलते
क्यूँँ
हैं
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Rahat Indori
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अब
के
सावन
में
शरारत
ये
मिरे
साथ
हुई
मेरा
घर
छोड़
के
कुल
शहर
में
बरसात
हुई
Gopaldas Neeraj
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जो
बुजुर्गों
की
दु'आओं
के
दीयों
से
रौशन
रोज़
उस
घर
में
दीवाली
का
जश्न
होता
है
Pratap Somvanshi
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दुनिया
में
रहना
पड़ता
है
फिर
सब
कुछ
सहना
पड़ता
है
भूले
तो
नहीं
हैं
उन
को
हम
पर
ऐसा
कहना
पड़ता
है
यादों
में
उनकी
जीना
ये
है
फिर
मरते
रहना
पड़ता
है
दिलकश
लौ
हो
तुम
को
क्या
है
मज्ज़ूब
को
दहना
पड़ता
है
यादों
की
ठंडी
गर्मी
में
यूँँ
जलते
रहना
पड़ता
है
इन
सूखी
आँखों
में
'लेखक'
हाँ
असलन
बहना
पड़ता
है
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Lekhak Suyash
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क्या
करोगे
बुलाकर
ख़ुदा
को
वहाँ
हो
ज़रूरत
अगर
ना-ख़ुदा
की
जहाँ
Lekhak Suyash
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वादे
तकल्लुफ़
होते
हैं
'लेखक'
कुछ
करना
तो
कोशिश
करना
तुम
Lekhak Suyash
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ग़ैरतों
के
मसअले
थे
ख़्वाब
हम
पर
हँस
रहे
थे
जब्र
ये
था
संग
था
वो
और
हम
तो
आइने
थे
इश्क़
ही
तो
ज़िंदगी
है
कितने
प्यारे
तज़्किरे
थे
साथ
रहना
इश्क़
करना
ये
तिरे
ही
मशवरे
थे
इक
तिरे
होने
ही
भर
से
मुझ
में
कितने
हौसले
थे
ख़्वाब
की
ता'बीर
ये
है
दूर
थे
वो
जो
सगे
थे
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Lekhak Suyash
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फ़र्दा
हो
कि
पस-ए-फ़र्दा
मुझ
को
अब
उम्मीद
नहीं
Lekhak Suyash
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