हुस्नकेउसकेनपूछोयारजलवे
लिखरहेहैंअबतोहरअख़बारजलवे
देखकरअबमैंपरेशाँहूँबहुतही
अबसॅंभलतेहैनहींबेकारजलवे
लाऊँहुस्न-ओ-इश्क़मैंतोअबकहाँसे
यारउसकेहैंयहाँहरबारजलवे
येतड़पभीअबनहींजातीमगरफिर
यूँँमोहब्बतकेतोहैंभरमारजलवे
सोचताहूँराब्ताउसहूरसेहो
फिरयहाँमेरेभीहोंदो-चारजलवे
फूँकदीजातीयहाँमुर्देमेंजाँभी
यारक्याक्याहोरहेसरकारजलवे