logon ko maqbool hi tum the | लोगों को मक़बूल ही तुम थे

  - Lalit Mohan Joshi
लोगोंकोमक़बूलहीतुमथे
हमजहाँमेंयारक्यूँँगुमथे
प्यारजिसनेहैकियाउससेे
बादमेंदिखतेवोअंजुमथे
आगबरपीहैयहाँफिरक्यूँँ
वोहमारेजलतेतारुमथे
इकवफ़ासेबे-वफ़ातकके
सबलबोंकेहमतबस्सुमथे
छोड़करजानेलगेहोतुम
किसलिएफिरयादमेंतुमथे
  - Lalit Mohan Joshi
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