jism thakta raha roz kii daud men | जिस्म थकता रहा रोज़ की दौड़ में

  - Lalit Mohan Joshi
जिस्मथकतारहारोज़कीदौड़में
मैंमगरक्यारहारोज़कीदौड़में
बंदिशोंसेसुधरजाएतूतोबता
बसबिगड़तारहारोज़कीदौड़में
हर्फ़सारेग़ज़लकेमिरेरोदिए
शे'रहोतारहारोज़कीदौड़में
अब्रकेहैंकईरंगदेखोमगर
अब्रग़मकारहारोज़कीदौड़में
जबज़मानेकोमालूमहैदर्दका
क्यूँज़मानारहारोज़कीदौड़में
इकवफ़ाकोतलाशातोरोतारहा
क्यामिलाक्यारहारोज़कीदौड़में
मीरग़ालिबकोपढ़करअसरयेहुआ
मैंअलगसारहारोज़कीदौड़में
भूलजबसेगयातू'ललित'कोयहाँ
प्यारखोतारहारोज़कीदौड़में
  - Lalit Mohan Joshi
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