ham nayi peedhi men bhi shaayad purane hain | हम नई पीढ़ी में भी शायद पुराने हैं

  - Lalit Mohan Joshi
हमनईपीढ़ीमेंभीशायदपुरानेहैं
क़र्ज़हमकोजैसेघरकेसबचुकानेहैं
दौरशायदयेहमकोरासआएपर
इंस्टापररीलकेहमभीदिवानेहैं
वोसुकूँबचपनभराकितनाहमाराथा
इसजवानीमेंमगरग़मअबछुपानेहैं
जोमुसलसलगीतसुनतेहैंनएयारों
अबलतादीकेउन्हेंगानेसुनानेहैं
जबतलकज़िंदायहाँपरदोस्तोंहैंसब
क्यूँँनएदुश्मनयहाँपरअबजुटानेहैं
सोचताबैठेललितयूँँआसमाँतकते
लोगकरतेक्यूँँयहाँसौसौबहानेहैं
  - Lalit Mohan Joshi
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