tumhein qeemat pata hoti to be-qadri nahin hoti | तुम्हें क़ीमत पता होती तो बे-क़दरी नहीं होती

  - Divya 'Kumar Sahab'
तुम्हेंक़ीमतपताहोतीतोबे-क़दरीनहींहोती
उन्हेंपूछोवोजिनकेहिस्सेमेंरोटीनहींहोती
ज़रासादुखतोहोताहैपरेशानीनहींहोती
कोईअबछोड़जाताहैतोहैरानीनहींहोती
कियाज़ाहिरकिशादीउनसेेहीकरनेकीख़्वाहिशहै
वोहँसतीहैंज़बाँसेपरकभीहाँ-जीनहींहोती
मिलाऊँगाउन्हेंभीआपसबसेसोचताहूँमैं
मगरकब?जबतलकवोआपकीभाभीनहींहोती
बहनहैआपकीतोख़ुश-नसीबीमानकरचलिए
उन्हेंपूछोवोजिनकेहाथपरराखीनहींहोती
हथौड़ाऔरआरीसाथलेकरचलरहेहैंसब
किसीकेपासदिलकीक्यूँकोईचाबीनहींहोती
सुनामीगईकैसेबताओतोज़राआँखों
लिखाभीथापलकपरयादतैरानीनहींहोती
मोहब्बतहैबड़ीज़ालिमयेआज़ादीनहींदेती
सज़ा-ए-मौतपुख़्ताहोभीतोफाँसीनहींहोती
लगाएहैंसभीइल्ज़ामदिलपर'दिव्य'तुमनेभी
बिछड़जानेकीतुमनेभीकभीठानीनहींहोती
  - Divya 'Kumar Sahab'
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