ye sabhi jo khwaab hain in par nayan ka bojh hai | ये सभी जो ख़्वाब हैं इन पर नयन का बोझ है

  - Divya 'Kumar Sahab'
येसभीजोख़्वाबहैंइनपरनयनकाबोझहै
फिरतुम्हारीआदतोंपरआजमनकाबोझहै
इसतरहसेवोतुलाथाछोड़जानेपरमुझे
आत्माकहनेलगीमुझपरबदनकाबोझहै
कहगएमातापितासेहोगईलड़कीबड़ी
कानभाईकेभरेघरपरबहनकाबोझहै
जिसकिसीकेहाथमजबूरीनेजुड़वाएयहाँ
आदमीकेहाथपरदेखोनमनकाबोझहै
जैसेहीअर्थीसेपूछासाँसलेतीक्यूँनहीं
उठकेअर्थीनेकहामुझपरकफ़नकाबोझहै
इसतरहसेनैंनबरसेखेतसूखेदेखकर
येधराकहनेलगीइसपरगगनकाबोझहै
  - Divya 'Kumar Sahab'
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy