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Rohan Hamirpuriya
paamaal raston par mile rahbar use kaii
paamaal raston par mile rahbar use kaii | पामाल रस्तों पर मिले रहबर उसे कई
- Rohan Hamirpuriya
पामाल
रस्तों
पर
मिले
रहबर
उसे
कई
संगीन
जब
सफ़र
हुआ
उसने
चुना
मुझे
- Rohan Hamirpuriya
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बर्बाद
कर
दिया
हमें
परदेस
ने
मगर
माँ
सब
से
कह
रही
है
कि
बेटा
मज़े
में
है
Munawwar Rana
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मुझ
में
अब
मैं
नहीं
रही
बाक़ी
मैं
ने
चाहा
है
इस
क़दर
तुम
को
Ambreen Haseeb Ambar
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यूँँ
ही
हमेशा
उलझती
रही
है
ज़ुल्म
से
ख़ल्क़
न
उनकी
रस्म
नई
है,
न
अपनी
रीत
नई
यूँँ
ही
हमेशा
खिलाए
हैं
हमने
आग
में
फूल
न
उनकी
हार
नई
है,
न
अपनी
जीत
नई
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Faiz Ahmad Faiz
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ग़ुबार-ए-वक़्त
में
अब
किस
को
खो
रही
हूँ
मैं
ये
बारिशों
का
है
मौसम
कि
रो
रही
हूँ
मैं
Shahnaz Parveen Sahar
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उन
रस
भरी
आँखों
में
हया
खेल
रही
है
दो
ज़हर
के
प्यालों
में
क़ज़ा
खेल
रही
है
Akhtar Shirani
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सफ़र
पीछे
की
जानिब
है
क़दम
आगे
है
मेरा
मैं
बूढ़ा
होता
जाता
हूँ
जवाँ
होने
की
ख़ातिर
Zafar Iqbal
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सिवा
इसके
कुछ
अच्छा
ही
नहीं
लगता
है
शामों
में
सफ़र
कैसा
भी
हो
घर
को
परिंदे
लौट
जाते
हैं
Aarush Sarkaar
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तन्हा
ही
सही
लड़
तो
रही
है
वो
अकेली
बस
थक
के
गिरी
है
अभी
हारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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न
हम-सफ़र
न
किसी
हम-नशीं
से
निकलेगा
हमारे
पाँव
का
काँटा
हमीं
से
निकलेगा
Rahat Indori
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इश्क़
अगर
बढ़ता
है
तो
फिर
झगड़े
भी
तो
बढ़ते
हैं
आमदनी
जब
बढ़ती
है
तो
ख़र्चे
भी
तो
बढ़ते
हैं
माना
मंज़िल
नहीं
मिली
है
हमको
लेकिन
रोज़ाना
एक
क़दम
उसकी
जानिब
हम
आगे
भी
तो
बढ़ते
हैं
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Tanoj Dadhich
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पहले
तो
सब
कुछ
अच्छा
लगता
है
आख़िर
में
'आशिक़
कच्चा
लगता
है
इतनी
शिद्दत
से
उसको
चाहा
है
उसका
हर
वा'दा
सच्चा
लगता
है
ज़िम्मेदारी
जिस
पर
अब
घर
की
है
माँ
को
तो
अब
भी
बच्चा
लगता
है
रेखाओं
में
है
तेरा
नक़्श-ए-पा
हाथों
में
तेरा
नक़्शा
लगता
है
हम
को
है
तेरी
चाहत
और
तेरा
ग़ैरों
से
रिश्ता
गहरा
लगता
है
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Rohan Hamirpuriya
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जुदाई
नहीं
देगी
जीने
मुझे
वो
देखे
मिरा
दम
निकलते
हुए
Rohan Hamirpuriya
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आप
ही
बनना
पड़ा
अपना
ही
रहबर
मुझे
उम्र
हुई
दूजों
के
रस्तों
पे
चलते
हुए
Rohan Hamirpuriya
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ये
ख़बर
तो
ज़माने
को
है
झूठ
इज़्ज़त
बचाने
को
है
आ
गया
मेरे
हिस्से
में
वो
बाक़ी
अब
क्या
कमाने
को
है
जान
बोला
नहीं
कॉल
पर
शोर
अब
वो
मचाने
को
है
हम
गए
हैं
दवा
लेने
और
वो
दुकानें
बढ़ाने
को
है
इश्क़
से
तौबा
क्यूँ
करते
हो
मर्ज़
ये
तो
चढ़ाने
को
है
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Rohan Hamirpuriya
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सोच
ले
करने
से
पहले
है
ख़ुशी
बस
पहले
पहले
कह
रहे
हो
जिसको
अपनी
मेरी
थी
वो
सब
से
पहले
अब
तो
है
हर
बात
पे
शक
था
यक़ीं
सा
पहले
पहले
हर
नज़ारा
साफ़
था
तब
धुंध
कम
थी
पहले
पहले
मौत
पे
है
भीड़
वरना
तन्हा
था
मरने
से
पहले
याद
बन
के
रह
गया
जो
दोस्त
था
वो
कल
से
पहले
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Rohan Hamirpuriya
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