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Rohan Hamirpuriya
ye khabar to zamaane ko hai
ye khabar to zamaane ko hai | ये ख़बर तो ज़माने को है
- Rohan Hamirpuriya
ये
ख़बर
तो
ज़माने
को
है
झूठ
इज़्ज़त
बचाने
को
है
आ
गया
मेरे
हिस्से
में
वो
बाक़ी
अब
क्या
कमाने
को
है
जान
बोला
नहीं
कॉल
पर
शोर
अब
वो
मचाने
को
है
हम
गए
हैं
दवा
लेने
और
वो
दुकानें
बढ़ाने
को
है
इश्क़
से
तौबा
क्यूँ
करते
हो
मर्ज़
ये
तो
चढ़ाने
को
है
- Rohan Hamirpuriya
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सुनते
हैं
रात
होती
है
सोने
के
लिए
हमको
तो
रास
आई
है
रोने
के
लिए
Rohan Hamirpuriya
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मुहब्बत
कम
लुटा
पगले
न
बन
इस
में
ख़ुदा
पगले
ज़ियादा
हैं
तेरे
शैदा
कोई
कोठा
बसा
पगले
लिपिस्टिक
है
तेरे
लब
पर
बहाने
कम
बना
पगले
ख़राबे
से
सुकूँ
तू
पा
मैं
वापस
घर
चला
पगले
यही
मुमकिन
था
उजलत
में
न
हूँ
तुझ
से
ख़फ़ा
पगले
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Rohan Hamirpuriya
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घाव
का
दरिया
भर
गया
कब
का
चाक
सीना
निखर
गया
कब
का
Rohan Hamirpuriya
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दो-चार
रोज़
तो
हमें
अच्छा
लगा
मगर
खा
कर
फ़रेब
अक़्ल
ठिकाने
पे
आ
गई
Rohan Hamirpuriya
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ग़म
से
किनारा
है
दोस्ती
दुख
में
सहारा
है
दोस्ती
यारों
मुझको
जाने
दो
उसने
पुकारा
है
दोस्ती
क्या
करनी
दौलत
शोहरत
मेरा
गुज़ारा
है
दोस्ती
जिस
मर्ज़
की
न
कोई
दवा
उसका
चारा
है
दोस्ती
इस
में
मुनाफ़ा
हर
दम
है
ऐसा
ख़सारा
है
दोस्ती
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Rohan Hamirpuriya
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