hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Rohan Hamirpuriya
judaai nahin degi jeene mujhe
judaai nahin degi jeene mujhe | जुदाई नहीं देगी जीने मुझे
- Rohan Hamirpuriya
जुदाई
नहीं
देगी
जीने
मुझे
वो
देखे
मिरा
दम
निकलते
हुए
- Rohan Hamirpuriya
Download Sher Image
जहाँ
से
जी
न
लगे
तुम
वहीं
बिछड़
जाना
मगर
ख़ुदा
के
लिए
बे-वफ़ाई
न
करना
Munawwar Rana
Send
Download Image
85 Likes
हिज्र
में
ख़ुद
को
तसल्ली
दी
कहा
कुछ
भी
नहीं
दिल
मगर
हँसने
लगा
आया
बड़ा
कुछ
भी
नहीं
Afkar Alvi
Send
Download Image
51 Likes
ये
जो
हिजरत
के
मारे
हुए
हैं
यहाँ
अगले
मिसरे
पे
रो
के
कहेंगे
कि
हाँ
Ali Zaryoun
Send
Download Image
63 Likes
बहन
का
प्यार
जुदाई
से
कम
नहीं
होता
अगर
वो
दूर
भी
जाए
तो
ग़म
नहीं
होता
Unknown
Send
Download Image
35 Likes
भरम
रखा
है
तेरे
हिज्र
का
वरना
क्या
होता
है
मैं
रोने
पे
आ
जाऊँ
तो
झरना
क्या
होता
है
मेरा
छोड़ो
मैं
नइँ
थकता
मेरा
काम
यही
है
लेकिन
तुमने
इतने
प्यार
का
करना
क्या
होता
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
261 Likes
तू
परिंदा
है
किसी
शाख़
को
घर
कर
लेगा
जो
तेरे
हिज्र
का
मारा
है
किधर
जाएगा
Shadab Javed
Send
Download Image
34 Likes
कभी
न
लौट
के
आया
वो
शख़्स,
कहता
था
ज़रा
सा
हिज्र
है
बस
सरसरी
बिछड़ना
है
Subhan Asad
Send
Download Image
24 Likes
हिज्र
में
इश्क़
यूँँ
रखा
आबाद
हिचकियांँ
तन्हा
तन्हा
लेते
रहे
Siraj Tonki
Send
Download Image
1 Like
बिछड़
जाएँगे
हम
दोनों
ज़मीं
पर
ये
उस
ने
आसमाँ
पर
लिख
दिया
है
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
16 Likes
मोहब्बत
दो-क़दम
पर
थक
गई
थी
मगर
ये
हिज्र
कितना
चल
रहा
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
70 Likes
Read More
सब
बाहों
में
झूल
चुकी
है
वो
तुझको
कब
का
भूल
चुकी
है
वो
तेरे
साथ
है
रिश्ते
में
लेकिन
दूजा
रिश्ता
क़ुबूल
चुकी
है
वो
पूछो
तुम
उसके
दीवानों
से
किस
से
कितना
वसूल
चुकी
है
वो
Read Full
Rohan Hamirpuriya
Download Image
0 Likes
तुम
को
कम
लगते
हैं
नगीने
से
शे'र
सींचे
हैं
ख़ूँ-पसीने
से
सर्द
मौसम
है
और
मैं
तन्हा
हूँ
मुझ
को
नफ़रत
है
इस
महीने
से
मौजों
की
थी
रवानी
कुछ
ऐसी
बाँध
कर
ले
गई
सफ़ीने
से
जिस
से
बरसों
से
झगड़ा
है
अपना
तुम
भी
मिल
आई
उस
कमीने
से
तुम
हो
हक़दार
मुझ
से
बेहतर
के
उस
ने
छोड़ा
भी
तो
क़रीने
से
Read Full
Rohan Hamirpuriya
Download Image
0 Likes
उस
के
कूचे
से
जब
भी
गुज़रते
हैं
ज़ेहन
में
बादल
ग़म
के
उभरते
हैं
Rohan Hamirpuriya
Send
Download Image
2 Likes
फिर
उसकी
आरज़ू
हर
काम
के
बाद
उदासी
छा
जाती
है
शाम
के
बाद
दुनिया
वाले
पूछ
ही
डालेंगे
लगाते
क्या
हो
अपने
नाम
के
बाद
रंजीदा
लोगों
का
ये
कहना
है
वहशत
बढ़ती
है
हर
जाम
के
बाद
ख़ल्वत
में
पड़े
रहना
आसाँ
नहीं
थकान
होती
है
इस
आराम
के
बाद
सबके
भीतर
रावण
तो
ज़िंदा
है
अब
किसको
पूजोगे
राम
के
बाद
Read Full
Rohan Hamirpuriya
Download Image
0 Likes
करना
चाहा
फ़ना
ज़िंदगी
ने
था
में
रक्खा
मुझे
बेहिसी
ने
दर-ब-दर
फिरता
हूँ
मैं
ये
कह
कर
दी
है
छत
मुझको
आवारगी
ने
सहरा
तक
आ
गया
हूँ
तिरे
साथ
मार
डाला
है
लब-तिश्नगी
ने
हँसना
था
और
छुपाने
थे
आँसू
देखा
हँस
कर
के
बेचारगी
ने
बाप
का
कंधा
और
माँ
का
आँचल
ये
सहूलत
है
दी
ज़िंदगी
ने
बद-हवा
सेी
की
ख़ातिर
थी
पी
और
होश
में
रक्खा
संजीदगी
ने
आते-जाते
दिखा
करता
था
जो
डस
लिया
उसको
अफ़सुर्दगी
ने
Read Full
Rohan Hamirpuriya
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Kashmir Shayari
Mehman Shayari
Justice Shayari
Neend Shayari
Sach Shayari