usii ki dastaras men aa gaya hooñ | उसी की दस्तरस में आ गया हूँ

  - Khalid Azad
उसीकीदस्तरसमेंगयाहूँ
मैंअबफिरसेक़फ़समेंगयाहूँ
मेराबुझनायहाँवाजिबहैअबतो
हवाओंकेजोबसमेंगयाहूँ
तुम्हाराहिज्रकटताभीनहींअब
येकिसउम्र-ए-बरसमेंगयाहूँ
मेरीपहचानहैतुमसेेफ़क़तअब
तुम्हारेरंग-ओ-रसमेंगयाहूँ
बड़ामुश्किलहैदिलकाशादहोना
किदुनियाकीहवसमेंगयाहूँ
जोचाहोतुममुझेअबरंगदेदो
तुम्हारेकैनवसमेंगयाहूँ
  - Khalid Azad
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