KHud apne zakham ko gahra banaa ke kya haasil | ख़ुद अपने ज़ख़्म को गहरा बना के क्या हासिल

  - Khalid Azad
ख़ुदअपनेज़ख़्मकोगहराबनाकेक्याहासिल
अबउसकेचेहरेकानक़्शाबनाकेक्याहासिल
येमानाहिज्रकीवहशततोदिलमेंहैमेरे
अभीसेजिस्मकोलाशाबनाकेक्याहासिल
किसीकेख़्वाबभीआतेनहींहैंरातोंमें
तोअबयेचाँदभीपूराबनाकेक्याहासिल
बसएकझटकेमेंलहरेंउजाड़बैठेंगी
यहीहैडरतोघरौंदाबनाकेक्याहासिल
ठहरनाइनकेमुक़द्द़रमेंहीनहींशायद
किसीपरिंदकोअपनाबनाकेक्याहासिल
  - Khalid Azad
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