be-waqt chaahaton ki kahaanii fuzool hai | बे-वक़्त चाहतों की कहानी फुज़ूल है

  - Khalid Azad
बे-वक़्तचाहतोंकीकहानीफुज़ूलहै
गरकीनहींतोफिरयेजवानीफुज़ूलहै
तुमलौटकरजोआओतोफिरऔरबातहै
वरनातुम्हारीदीयेनिशानीफुज़ूलहै
राजानाहोअगरकिसीक़िस्सेकेबाबमें
तोफिरउसीकहानीमेंरानीफुज़ूलहै
गरतेरेहाथपरगिरेजाकेयेकभी
फिरतोहमारीआँखकापानीफुज़ूलहै
साहिलपेछोड़पाएना,जोडूबताहुआ
दरियातेरीतोफिरयेरवानीफुज़ूलहै
  - Khalid Azad
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