yahaañ pe sabko hi aaKHir zawaal aanaa hai | यहाँ पे सबको ही आख़िर ज़वाल आना है

  - Khalid Azad
यहाँपेसबकोहीआख़िरज़वालआनाहै
तुम्हारेहुस्नपेयेभीकमालआनाहै
इसएकख़ौफ़सेमैंकुछभीसोचताहीनहीं
किहरख़यालमेंतेराख़यालआनाहै
बिछड़गयावो,तोकबतकरहूॅंगामैंतन्हा
हमारेसामनेयेभीसवालआनाहै
मुहब्बतोंमेंजोमिलनेलगेवफ़ाकासिला
तुम्हारेहाथतोबसइकरूमालआनाहै
मैंतेरेशहरकोजिसदिनभीछोड़जाऊंगा
तुम्हारेरुख़पेफिरउसदिनमलालआनाहै
  - Khalid Azad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy