aql saari ki saari thikaane lagii | अक़्ल सारी की सारी ठिकाने लगी

  - Khalid Azad
अक़्लसारीकीसारीठिकानेलगी
ज़िंदगीफ़ैसलाजबसुनानेलगी
उम्रभरकाथावा'दाचलेंगे,मगर
चंदक़दमोंमेंहीडगमगानेलगी
अबतेराहिज्रकैसेमैंकाटूंबता
तेरीतस्वीरभीमुँहछुपानेलगी
कलकीबातेंउन्हेंयादहोंगीभला
मांयहीसोचपत्थरपकानेलगी
उम्रऐसीकटीहैग़मोंमेंमेरी
मौतआईतरसमुझपेखानेलगी
सारेरिश्तोंकाखा़लिदभरमखुलगया
ज़िंदगीजबहमेंआज़मानेलगी
  - Khalid Azad
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