ek ladki | "एक लड़की"

  - KARAN
"एकलड़की"
बुलंदक़ामतकीएकलड़की
बिखेरतीखुशबुएँबदनकी
मेरीनिगाहोंकीरहगुज़रसे
गुज़रगईहै
गरीब-मुफ़लिसकिसीकुटी
काहैचाँदशायद
हैख़ूब-सूरत,फ़टे-पुराने
लिबासमेंभीबलाकीसुंदर
ज़रासामेरेक़रीबआकर
हसींलबोंसेयूँँमुस्कुराकर
तमामआलमकोख़ुशबुओंसे
वोभरगईहै
जबींकुशादाचमकरहीहै
कमरभीउसकीहैशाखजैसी
लचकरहीहै
लबोंपेबिखराहुआतबस्सुम
सियाहगेसूभीउसबदनसे
लिपटरहेहैं
यूँँजैसेकोईशजरसे
लिपटीहोबेलजैसे
क़दम-क़दमपे
ज्यूँफूलखिलतेहैंसुर्ख़
गोया,जिधरगईहै
वोजिस्मे-नाज़ुक
तराशजिसकीहोगोया
हीरावोबेश-क़ीमत
हरइकअदामें
ग़ज़बकीहैशबनमीलताफ़त
किसीपरी-वशसेख़ूबसरत
सुख़नवरोंकेख़याल-सीहै
किसुर्ख़-रूउसहसीनकी
मैंमिसालक्यादूँ
गुलाल-सीहै
निगाहख़ंजर,अदाएँक़ातिल
कमाललहजा,बसइकनज़रसे
मेरेजिगरमेंउतरगईहै
मैंहूँएकशायरसोमुझको
उस
मेंग़ज़लदिखीहै
लगाहैमुझकोकिजैसेबादे-सबा
उसेगुनगुनारहीहै
मगरवोलड़कीजिसेगुमाँतक
नहींहैशायद
येहुस्नउसपरहीबोझ
बनजाएगायक़ीनन
उसेकहोकि
नक़ाबमेंरक्खेहुस्नो-इस्मत
वगरनापछताएगीबादमेंवो
वोमर्दकहतेहैंजोयहाँपर
वोख़ुदकोसाबितकरेंगेबेशक़
दिखाएँगेउसगरीबपरही
वोज़ोरअपनीमर्दानगीका
करेंगेज़ाहिरवो
पाक-दामनकोतारकरके
किमर्दहैंहम
उस
मेंउनकोदिखेगा
बेबसबुज़ुर्गआँखोंका
इकसितारा
उन्हेंफ़क़तवोफ़टेलिबासोंसे
झाँकताइकबदनदिखेगा
हवस-कदेमें,पड़ीमिलेगी
बसएकउरियाँवोलाशबनकर
मर्दकीशक्लमेंउनदरिंदोंको
उस
मेंकोईबहनदिखेगी
माँदिखेगी,कोईबेटी
उनकोउस
मेंग़ज़लदिखेगी
शा'इरीही
  - KARAN
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