ghar se daftar aur phir daftar se ghar kaafi hai kya | घर से दफ़्तर और फिर दफ़्तर से घर काफ़ी है क्या

  - KARAN
घरसेदफ़्तरऔरफिरदफ़्तरसेघरकाफ़ीहैक्या
ज़िन्दगीतूहीबताइतनासफ़रकाफ़ीहैक्या
कौनसमझेगामेरीतन्हाइयोंकेमसअले
हैज़मानायूँँतोमेरेसाथपरकाफ़ीहैक्या
आजकलमेरेत'आक़ुबमेंहैंआँखेंयारकी
इब्तिदाईइश्क़मेंइतनाअसरकाफ़ीहैक्या
जलकेमरनाचाहिएथागर्मी-ए-इख़लासमें
हैफ़दीवानाहुआख़स्ता-जिगरकाफ़ीहैक्या
हुस्नतुझमेंऔरथोड़ीदिल-कशीदरकारहै
आतिशी-अबरूक़यामत-सीनज़रकाफ़ीहैक्या
इश्क़मेरेऔरतुझकोक्यावज़ीफ़ाचाहिए
देखआख़िरहोगयामैंदर-ब-दरकाफ़ीहैक्या
फिरअनासिरनेबदललीसूरत-ए-तरतीबऔर
आलम-ए-हस्तीहुआज़ेर-ओ-ज़बरकाफ़ीहैक्या
बे-दिलीसेआएथेहमभीकभीसहराओंमें
दिलतोयाँलगनेलगाअपनामगरकाफ़ीहैक्या
हाँकभीझुकताथाख़ल्क़-ए-ख़ुदाकेसामने
तेरेसजदोंमेंझुकाजाताहैसरकाफ़ीहैक्या
क्याकरूँँऐसाकिअपनेदिलमेंवोरखलेमुझे
करनयेशेर-गोईकाहुनरकाफ़ीहैक्या
  - KARAN
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