apnon ke haathon men khanzar dekhen hain | अपनों के हाथों में खंज़र देखें हैं

  - KARAN
अपनोंकेहाथोंमेंखंज़रदेखेंहैं
बिस्मिलअरमानोंकेलश्करदेखेहैं
तुमनेइनआँखोंकापानीदेखाहै
इनआँखोंनेरोज़बवंडरदेखेहैं
गुलशन-गुलशनचीख़सुनाईदेतीहै
ख़ूनसेलथपथचिड़ियोंकेपरदेखेहैं
सहरा-सहराख़ाकउड़ातीउम्मीदें
गर्द-आलूदहज़ारोंमंज़रदेखेहैं
सुनइश्क़औक़ातमेंरहतेरेजैसे
हमनेजानेकितनेख़ुद-सरदेखेहैं
मेरेजैसाएकनहींपाओगेतुम
यूँँतोतुमनेख़ूबक़लन्दरदेखेहैं
दोस्तलतीफ़ा-गोईहैजिनकापेशा
हमनेऐसेलोगभीजर्जरदेखेहैं
इश्क़कीएवज़पाएहैंयेज़ख़्ममियाँ
तूनेऐसेज़ख़्मरफ़ू-गरदेखेहैं
दर्दउठाकरभीसालिमहैंदेखकरन
हमनेकुछऐसेभीपत्थरदेखेहैं
  - KARAN
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy