hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kaffir
teri baaton ke sahaare ye kahaanii likhi hai
teri baaton ke sahaare ye kahaanii likhi hai | तेरी बातों के सहारे ये कहानी लिखी है
- Kaffir
तेरी
बातों
के
सहारे
ये
कहानी
लिखी
है
तेरी
यादों
के
हवाले
ये
कहानी
लिखी
है
एक
तोहफ़ा
रखा
है
तेरे
लिए
काफ़िर
ने
इस
जनाज़े
के
किनारे
ये
कहानी
लिखी
है
- Kaffir
Download Sher Image
दु'आ
में
माँग
लूँ
मैं
उसको
लेकिन
फ़क़त
पाना
मेरा
मक़सद
नहीं
है
Shadab Asghar
Send
Download Image
36 Likes
उस
मेहरबाँ
नज़र
की
इनायत
का
शुक्रिया
तोहफ़ा
दिया
है
ईद
पे
हम
को
जुदाई
का
Unknown
Send
Download Image
43 Likes
हुस्न
जब
मेहरबाँ
हो
तो
क्या
कीजिए
इश्क़
के
मग़्फ़िरत
की
दु'आ
कीजिए
Khumar Barabankvi
Send
Download Image
26 Likes
इस
आ
समाँ
को
मुझ
सेे
है
क्या
दुश्मनी
"अली"?
भेजूं
अगर
दु'आ
भी
तो
सर
पर
लगे
मुझे
Read Full
Ali Rumi
Send
Download Image
21 Likes
मैं
नज़र
से
पी
रहा
था
तो
ये
दिल
ने
बद-दुआ
दी
तिरा
हाथ
ज़िंदगी
भर
कभी
जाम
तक
न
पहुँचे
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
48 Likes
जिसने
बेचैनियाँ
दी
हैं
मुझे
बेचैन
रहे
मैंने
रो-रो
के
ख़ुदास
ये
दु'आ
माँगी
है
Shajar Abbas
Send
Download Image
4 Likes
कोई
दवा
न
दे
सके
मशवरा-ए-दुआ
दिया
चारागरों
ने
और
भी
दर्द
दिल
का
बढ़ा
दिया
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
38 Likes
उस
से
मिले
ज़माना
हुआ
लेकिन
आज
भी
दिल
से
दु'आ
निकलती
है
ख़ुश
हो
जहाँ
भी
हो
Mohammad Alvi
Send
Download Image
29 Likes
दवा
से
हल
न
हुआ
तो
दु'आ
पे
छोड़
दिया
तिरा
मोआ'मला
हम
ने
ख़ुदा
पे
छोड़
दिया
Khurram Afaq
Send
Download Image
29 Likes
नज़रें
हो
गड़ीं
जिनकी
वसीयत
पे
दिनो-रात
माँ-बाप
कि
'उम्रों
कि
दु'आ
खाक़
करेंगे
Asad Akbarabadi
Send
Download Image
12 Likes
Read More
तिरा
शहर
मेरे
सफ़र
का
भी
हक़दार
है
मिरा
इश्क़
तेरी
वफ़ा
का
तलबगार
है
तिरे
बाद
ये
घाव
मेरे
भरे
ही
नहीं
अकेला
मेरे
मर्ज़
का
तू
गुनहगार
है
Read Full
Kaffir
Send
Download Image
2 Likes
बेवजह
ये
ज़िंदगी
ऐसा
तमाशा
कर
रही
है
हम
न
जी
सकते
न
ये
'काफ़िर'
जनाज़ा
कर
रही
है
Kaffir
Send
Download Image
2 Likes
अगर
तुम
पास
बैठो
शे'र
उसको
इक
सुना
देना
उसे
अच्छा
लगे
तो
एक
दो
ग़ज़लें
भी
गा
देना
अगर
वो
पूछ
ले
तुम
से
कि
ये
जज़्बात
किसके
हैं
बताना
एक
शायर
नाम
तुम
काफ़िर
बता
देना
Read Full
Kaffir
Send
Download Image
4 Likes
उस
दौर
का
कह
दूँ
अगर
तो
फिर
इबादत
है
मुझे
अपनी
ज़बाँ
में
गर
कहूँ
तुम
सेे
मोहब्बत
है
मुझे
ये
इश्क़
हो
या
ज़हर
हो
या
दर्द
हो
या
हो
दवा
हर
चीज़
की
अब
तो
लगी
नादान
आदत
है
मुझे
Read Full
Kaffir
Send
Download Image
2 Likes
ग़ुस्सा
भी
करे
लेकिन
वो
कमाल
लगती
है
काला
जब
पहनती
है
वो
बवाल
लगती
है
मेरा
दिन
उसी
का
है
मेरी
रात
भी
उसकी
ख़ूबसूरती
की
ख़ुद
वो
मिसाल
लगती
है
Read Full
Kaffir
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Jazbaat Shayari
Khushboo Shayari
Father Shayari
Akhbaar Shayari
Raasta Shayari