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Meem Alif Shaz
vo aañkhen neeche kar ke baithe hain
vo aañkhen neeche kar ke baithe hain | वो आँखें नीचे कर के बैठे हैं
- Meem Alif Shaz
वो
आँखें
नीचे
कर
के
बैठे
हैं
मगर
क़यामत
सी
सब
पे
ढ़ाई
है
- Meem Alif Shaz
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कभी
ज़िन्दगी
से
यूँँ
न
चुराया
करो
नज़र
कि
मौजूद
भी
रहो
तो
न
आया
करो
नज़र
S M Afzal Imam
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अदाकार
के
कुछ
भी
बस
का
नहीं
है
मोहब्बत
है
ये
कोई
ड्रामा
नहीं
है
जिसे
तेरी
आँखें
बताती
हैं
रस्ता
वो
राही
कहीं
भी
पहुँचता
नहीं
है
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Zubair Ali Tabish
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हम
तोहफ़े
में
घड़ियाँ
तो
दे
देते
हैं
एक
दूजे
को
वक़्त
नहीं
दे
पाते
हैं
आँखें
ब्लैक
एंड
व्हाइट
हैं
तो
फिर
इन
में
रंग
बिरंगे
ख़्वाब
कहाँ
से
आते
हैं?
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Fareeha Naqvi
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कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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साक़ी
कुछ
आज
तुझ
को
ख़बर
है
बसंत
की
हर
सू
बहार
पेश-ए-नज़र
है
बसंत
की
Ufuq Lakhnavi
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सब
लोग
जिधर
वो
हैं
उधर
देख
रहे
हैं
हम
देखने
वालों
की
नज़र
देख
रहे
हैं
Dagh Dehlvi
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तुम
तो
सर्दी
की
हसीं
धूप
का
चेहरा
हो
जिसे
देखते
रहते
हैं
दीवार
से
जाते
हुए
हम
Nomaan Shauque
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नहीं
है
लब
पे
दिखावे
का
भी
तबस्सुम
अब
हमें
किसी
ने
मुक़म्मल
उदास
कर
दिया
है
Amaan Haider
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मैं
हर
शख़्स
के
चेहरे
को
बस
इस
उम्मीद
से
तकता
हूँ
शायद
से
मुझको
दो
आँखें
तेरे
जैसी
दिख
जाएँ
Siddharth Saaz
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ज़ख़्म
लगे
हैं
कितने
दिल
पर
याद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
शाद
नहीं
हूँ
मैं
तुमको
नाशाद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
उम्र
गए
पे
तेरी
सूरत
और
मिरी
आँखें
टकराईं
उम्र
गए
में
सोची
वो
फ़रियाद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
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Dhiraj Singh 'Tahammul'
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तुम
उस
की
आँखों
पे
भरोसा
ही
मत
करना
बेहद
शातिर
होती
हैं
ख़ामोश
हवाएँ
Meem Alif Shaz
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सरापा
नूर
उन
का
जान
ही
लेगा
अभी
तो
बैठे
हैं
वो
एक
चिलमन
में
Meem Alif Shaz
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नाम
से
मेरे
मुझ
को
बुलाने
लगे
जो
दवा
की
थी
उस
को
जताने
लगे
वक़्त
ऐसा
भी
आया
कि
जो
दोस्त
थे
मुफ़लिसी
में
वो
नज़रें
चुराने
लगे
वो
हमारी
बला
से
जिए
या
मरे
उसकी
चालाकी
बस
अब
ठिकाने
लगे
वो
तो
दुश्मन
थे
उनको
बुरा
क्या
कहें
आप
भी
हम
को
चूना
लगाने
लगे
छोड़
के
चल
दिए
वो
अचानक
हमें
जिस
मोहब्बत
में
हम
को
ज़माने
लगे
पंछियों
के
लिए
कुछ
किया
ही
नहीं
ठंड
आई
तो
लकड़ी
जलाने
लगे
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Meem Alif Shaz
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क्यूँ
चुप
है
तू
कोई
सवाल
तो
कर
मेरे
दिल
का
भी
कुछ
ख़याल
तो
कर
थोड़ा
ग़ुस्सा,
कोई
शिकवा,
या
फिर
यूँँ
ही
चुप
रहने
का
मलाल
तो
कर
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Meem Alif Shaz
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अचानक
से
चले
जाते
हैं
जो
कुछ
लोग
बहारों
में
ख़िज़ाँ
को
छोड़
जाते
हैं
Meem Alif Shaz
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