अपनेहाथोंमेंउजालोंकोलिएफिरताहूँमैं
धूपकेमौसममेंप्यासोंकोलिएफिरताहूँमैं
जबकोईभीमुझसेमेरीबातसुनताहीनहीं
साथअपनेज़ेहनीगूंगोंकोलिएफिरताहूँमैं
कलकीकोईबातमुझसेभीकभीपूछोज़रा
एकमिसराहूँज़मानोंकोलिएफिरताहूँमैं
इसज़मीँमेंमुझकोदफ़नानेसेबचतेहैंयेलोग
शख़्सहोनेकेहवालोंकोलिएफिरताहूँमैं
इकज़मानेसेउसेदेखानहींहैइसलिए
यादोंमेंअबउसकेचेहरोंकोलिएफिरताहूँमैं