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Meem Alif Shaz
tum chaaho to apni kashtii waapas bhi la sakte ho
tum chaaho to apni kashtii waapas bhi la sakte ho | तुम चाहो तो अपनी कश्ती वापस भी ला सकते हो
- Meem Alif Shaz
तुम
चाहो
तो
अपनी
कश्ती
वापस
भी
ला
सकते
हो
यह
दरिया
तो
ऐसे
ही
बहता
है
जो
बहता
ही
रहेगा
- Meem Alif Shaz
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अपने
मन
में
डूब
कर
पा
जा
सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी
तू
अगर
मेरा
नहीं
बनता
न
बन
अपना
तो
बन
Allama Iqbal
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दिन
ढल
गया
और
रात
गुज़रने
की
आस
में
सूरज
नदी
में
डूब
गया,
हम
गिलास
में
Rahat Indori
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कभी
कभी
तो
ये
वहशत
भी
हम
पे
गुज़री
है
कि
दिल
के
साथ
ही
देखा
है
डूबना
शब
का
Abhishek shukla
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इतने
गहरे
उतर
गया
हूँ
दरिया-ए-दर्द-ए-दिल
में
हाथ
पकड़
कर
खींच
ले
वरना
डूब
के
भी
मर
सकता
हूँ
कट्टे
ख़ंजर
रस्सी
माचिस
कुछ
दिन
मुझ
सेे
दूर
रखो
कुछ
करने
से
चूक
गया
हूँ
मैं
कुछ
भी
कर
सकता
हूँ
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Vashu Pandey
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बीच
भँवर
से
कश्ती
कैसे
बच
निकली
बहुत
दिनों
तक
दरिया
भी
हैरान
रहा
Madan Mohan Danish
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जब
भी
कश्ती
मिरी
सैलाब
में
आ
जाती
है
माँ
दु'आ
करती
हुई
ख़्वाब
में
आ
जाती
है
Munawwar Rana
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आज
की
रात
न
जाने
कितनी
लंबी
होगी
आज
का
सूरज
शाम
से
पहले
डूब
गया
है
Aanis Moin
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कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
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Kazim Rizvi
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तूने
कहा
न
था
कि
मैं
कश्ती
पे
बोझ
हूँ
आँखों
को
अब
न
ढाँप
मुझे
डूबता
भी
देख
Shakeb Jalali
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कितना
महफ़ूज़
हूँ
मैं
कोने
में
कोई
अड़चन
नहीं
है
रोने
में
मैंने
उसको
बचा
लिया
वरना
डूब
जाता
मुझे
डुबोने
में
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Fahmi Badayuni
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याद
आते
ही
दुश्मन
है
यह
तो
मिरा
क़ब्र
पर
मेरी
उसने
दुआँ
की
नहीं
Meem Alif Shaz
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तेरे
जाते
ही
गली
का
हाल
तो
ऐसा
हुआ
अब
गली
ख़ुशबू
नहीं
बस
इक
गली
कहलाती
है
Meem Alif Shaz
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यह
तेरे
होटों
की
ज़ीनत
कैसी
है
फूलों
के
नाजुक़
गालों
के
जैसी
है
Meem Alif Shaz
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अरे
कोई
हमारा
दिल
न
देखें
जनाज़े
ही
जनाज़े
हैं
ख़ुशी
के
Meem Alif Shaz
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हम
तुझे
इसलिए
बुलाते
हैं
साथ
रहना
सुकून
देता
है
Meem Alif Shaz
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