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Meem Alif Shaz
na laana aañsuon ko ghar se baahar
na laana aañsuon ko ghar se baahar | न लाना आँसुओं को घर से बाहर
- Meem Alif Shaz
न
लाना
आँसुओं
को
घर
से
बाहर
ज़माने
को
तो
बस
अपनी
पड़ी
है
- Meem Alif Shaz
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कुछ
भी
नहीं
तो
पेड़
की
तस्वीर
ही
सही
घर
में
थोड़ी
बहुत
तो
हरियाली
चाहिये
Himanshu Kiran Sharma
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ज़मीं
पे
घर
बनाया
है
मगर
जन्नत
में
रहते
हैं
हमारी
ख़ुश-नसीबी
है
कि
हम
भारत
में
रहते
हैं
Mehshar Afridi
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हसीन
यादों
के
चाँद
को
अलविदा'अ
कह
कर
मैं
अपने
घर
के
अँधेरे
कमरों
में
लौट
आया
Hasan Abbasi
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अजब
अंदाज़
से
ये
घर
गिरा
है
मिरा
मलबा
मिरे
ऊपर
गिरा
है
Aanis Moin
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तू
अपने
घर
में
मुहब्बत
की
जीत
पर
ख़ुश
है
अभी
ठहर
के
मेरा
ख़ानदान
बाक़ी
है
Siraj Faisal Khan
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कुल
जोड़
घटाकर
जो
ये
संसार
का
दुख
है
उतना
तो
मिरे
इक
दिल-ए-बेज़ार
का
दुख
है
शाइर
हैं
तो
दुनिया
से
अलग
थोड़ी
हैं
लोगों
सबकी
ही
तरह
हमपे
भी
घर
बार
का
दुख
है
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Ashutosh Vdyarthi
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घर
में
झीने
रिश्ते
मैंने
लाखों
बार
उधड़ते
देखे
चुपके
चुपके
कर
देती
है
जाने
कब
तुरपाई
अम्मा
Aalok Shrivastav
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उस
को
रुख़्सत
तो
किया
था
मुझे
मालूम
न
था
सारा
घर
ले
गया
घर
छोड़
के
जाने
वाला
Nida Fazli
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घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
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पास
मैं
जिसके
हूँ
वो
फिर
भी,
अच्छा
लड़का
ढूँढ़
रही
है
उसने
लगा
रक्खा
है
चश्मा,
और
वो
चश्मा
ढूँढ़
रही
है
फ़ोन
किया
मैंने
और
पूछा,
अब
तक
घर
से
क्यूँँ
नहीं
निकली
उस
ने
कहा
मुझ
सेे
मिलने
का,
एक
बहाना
ढूँढ़
रही
है
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Tanoj Dadhich
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उस
को
हक़
है
कि
वो
बेवफ़ाई
करे
हाँ
मगर
जब
करे
इक
तिहाई
करे
उस
को
मेरे
भी
हक़
का
पता
हो
कि
वो
ज़ख़्म
से
पहले
इस
की
दवाई
करे
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Meem Alif Shaz
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छुपाओगे
ये
आँसू
तो
यही
होगा
अधूरी
बात
निकलेगी
ज़ुबाँ
से
Meem Alif Shaz
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जब
हम
ने
अपने
ग़म
को
भुलाया
उस
के
बाद
सब
ने
बातों
का
तीर
चलाया
उस
के
बाद
पहले
तो
ज़िद
की
थोड़ी
सी
रिश्वत
लेलो
जब
लेली
तो
लोगों
को
बताया
उस
के
बाद
हम
ग़ैरों
से
लाए
थे
कुछ
सच्चे
रिश्ते
अपनो
ने
तो
उन
को
भी
सताया
उस
के
बाद
हम
तो
बस
ख़ुशबू
देने
गए
थे
उन
के
घर
फिर
भी
हम
को
दुश्मन
ही
बताया
उस
के
बाद
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Meem Alif Shaz
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इश्क़
को
दिल
से
हटा
दूँ
गर
हो
तेरी
मर्ज़ी
फिर
तुझ
को
भी
भुला
दूँ
गर
हो
तेरी
मर्ज़ी
Meem Alif Shaz
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तुम
जहाँ
भी
हो
चले
आओ
यहाँ
अब
दिया
बुझने
लगा
है
इश्क़
का
Meem Alif Shaz
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