hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
main apne saare khaabo ko kandho pe rakh ke chaltaa hooñ
main apne saare khaabo ko kandho pe rakh ke chaltaa hooñ | मैं अपने सारे ख़्वाबों को कंधो पे रख के चलता हूँ
- Meem Alif Shaz
मैं
अपने
सारे
ख़्वाबों
को
कंधो
पे
रख
के
चलता
हूँ
मौत
अगर
आ
जाए
मेरे
बच्चे
उन
को
देख
तो
लेंगे
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
ज़िन्दगी
इक
हादसा
है
और
कैसा
हादसा
मौत
से
भी
ख़त्म
जिसका
सिलसिला
होता
नहीं
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
39 Likes
शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
Read Full
Aman G Mishra
Send
Download Image
2 Likes
तुम्हारे
बाद
अब
मैं
क्या
करूँँगा
गुज़रती
गाड़ियाँ
देखा
करूँँगा
मेरे
मरने
पे
काफ़ी
लोग
होंगे
मैं
अपनी
मौत
पर
ख़र्चा
करूँँगा
Read Full
Asif Ali
Send
Download Image
25 Likes
दिल
को
सुकून
रूह
को
आराम
आ
गया
मौत
आ
गई
कि
दोस्त
का
पैग़ाम
आ
गया
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
37 Likes
मौत
ने
सारी
रात
हमारी
नब्ज़
टटोली
ऐसा
मरने
का
माहौल
बनाया
हमने
घर
से
निकले
चौक
गए
फिर
पार्क
में
बैठे
तन्हाई
को
जगह-जगह
बिखराया
हमने
Read Full
Shariq Kaifi
Send
Download Image
58 Likes
तुम्हारी
मौत
मेरी
ज़िंदगी
से
बेहतर
है
तुम
एक
बार
मरे
मैं
तो
बार
बार
मरा
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
66 Likes
ऐ
ताइर-ए-लाहूती
उस
रिज़्क़
से
मौत
अच्छी
जिस
रिज़्क़
से
आती
हो
परवाज़
में
कोताही
Allama Iqbal
Send
Download Image
26 Likes
राम
के
हाथों
मौत
लिखी
थी
रावण
की
वरना
तो
बजरंगबली
ही
काफ़ी
थे
Sanskar 'Sanam'
Send
Download Image
1 Like
यहाँ
मौत
का
ख़ौफ़
कुछ
यूँँ
है
सबको
कि
जीने
की
ख़ातिर
मरे
जा
रहे
हैं
Sapna Moolchandani
Send
Download Image
53 Likes
बिठा
दिया
है
सिपाही
के
दिल
में
डर
उसने
तलाशी
दी
है
दुपट्टा
उतार
कर
उसने
मैं
इसलिए
भी
उसे
ख़ुद-कुशी
से
रोकता
हूँ
लिखा
हुआ
है
मेरा
नाम
जिस्म
पर
उसने
Read Full
Zia Mazkoor
Send
Download Image
104 Likes
Read More
बारिश
मेरा
बचपन
वापस
ले
आती
है
मैं
भी
कश्ती
ले
के
सड़क
पे
चला
जाता
हूँ
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
जो
कहते
थे
ऐसे
होता
है
वैसे
होता
है
उन
से
पूछो
क्या
क़ब्र
में
कोई
ऐसे
सोता
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
यह
तेरे
होटों
की
ज़ीनत
कैसी
है
फूलों
के
नाजुक़
गालों
के
जैसी
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
हम
को
इशारा
कर
रहे
हो
तुम
तुम्हारा
शुक्रिया
दिल
में
उमंगे
भर
रहे
हो
तुम
तुम्हारा
शुक्रिया
हम
चाँद
जैसे
ख़ूब-सूरत
तो
नहीं
बिल्कुल
मगर
हम
से
मोहब्बत
कर
रहे
हो
तुम
तुम्हारा
शुक्रिया
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
रातों
को
जगना
मेरी
मजबूरी
है
मेरे
घर
की
छत
से
पानी
आता
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Chai Shayari
Gussa Shayari
Qabr Shayari
Murder Shayari
Kashmir Shayari