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Meem Alif Shaz
khaamoshi se guzar jaaun to achha hogaa
khaamoshi se guzar jaaun to achha hogaa | ख़ामोशी से गुज़र जाऊँ तो अच्छा होगा
- Meem Alif Shaz
ख़ामोशी
से
गुज़र
जाऊँ
तो
अच्छा
होगा
सब
उलझे
हैं
आवाज़ों
को
सुलझाने
में
- Meem Alif Shaz
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यार
सब
जम्अ'
हुए
रात
की
ख़ामोशी
में
कोई
रो
कर
तो
कोई
बाल
बना
कर
आया
Ahmad Mushtaq
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उसे
बेचैन
कर
जाऊँगा
मैं
भी
ख़मोशी
से
गुज़र
जाऊँगा
मैं
भी
Ameer Qazalbash
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क़स
में,
वादे,
दरवाज़े
तो
ठीक
हैं
पर
ख़ामोशी
को
तोड़
नहीं
सकता
हूँ
मैं
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Tanoj Dadhich
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आप
जिस
चीज़
को
कहते
हैं
कि
बेहोशी
है
वो
दिमाग़ों
में
ज़रा
देर
की
ख़ामोशी
है
सूखते
पेड़
से
पंछी
का
जुदा
हो
जाना
ख़ुद-परस्ती
नहीं
एहसान-फ़रामोशी
है
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Ashu Mishra
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मेरे
होंटों
पे
ख़ामुशी
है
बहुत
इन
गुलाबों
पे
तितलियाँ
रख
दे
Shakeel Azmi
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बहुत
कुछ
बोलना
है
पर
अभी
ख़ामोश
रहने
दो
ख़मोशी
बोलती
है
तो,
बड़ी
आवाज़
करती
है
Divy Kamaldhwaj
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ख़ामोशी
वो
भी
इतनी
मेरे
उसके
दरमियाँ
इस
दिल
के
टूटने
की
सदा
आ
गई
उसे
NISHKARSH AGGARWAL
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जो
दुनिया
को
सुनाई
दे
उसे
कहते
हैं
ख़ामोशी
जो
आँखों
में
दिखाई
दे
उसे
तूफ़ान
कहते
हैं
Rahat Indori
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एक
दिन
मेरी
ख़ामुशी
ने
मुझे
लफ़्ज़
की
ओट
से
इशारा
किया
Anjum Saleemi
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ज़िन्दगी
रुख़
पर
जो
तेरे
छाई
है
यह
ख़ामुशी
आ
इसे
मैं
चीर
दूँ
पाज़ेब
की
झंकार
से
Kiran K
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इस
जिस्म
के
लिए
भी
सच्ची
दु'आ
करो
जी
यह
उम्र
इस
को
खा
जाएगी
दवा
करो
जी
हर
रात
घूमता
है
चुप
चाप
आसमाँ
में
यह
चाँद
भी
अकेला
है
क्या
पता
करो
जी
काफ़ी
दिनों
से
कोई
झगड़ा
नहीं
हुआ
है
मुझ
से
मिरी
मोहब्बत
को
भी
ख़फ़ा
करो
जी
यह
हुस्न
कब
क़यामत
कर
दे
पता
नहीं
है
इस
हुस्न
में
छुपा
है
क्या
यह
पता
करो
जी
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Meem Alif Shaz
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माँ
के
हाथों
का
रोटी
का
टुकड़ा
भी
पूरी
दिन
की
भूख
मिटाया
करता
था
Meem Alif Shaz
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मैं
जिधर
भी
जाऊँ
हर
कोई
मुझ
पे
हँसता
है
मेरी
मुफ़लिसी
मुझ
को
चलने
भी
नहीं
देती
Meem Alif Shaz
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चाहे
इक
दीवार
हो
पर
उस
में
रौशनदान
भी
हो
दर्द
सुन
ने
के
लिए
बेदार
भाई
जान
भी
हो
Meem Alif Shaz
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मैं
जिस
घर
में
रहता
हूँ
वो
ताज
महल
है
मुझ
को
तेरी
दौलत
से
क्या
लेना
देना
Meem Alif Shaz
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