hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
jang aalooda tha har ilzaam teraa
jang aalooda tha har ilzaam teraa | जंग आलूदा था हर इल्ज़ाम तेरा
- Meem Alif Shaz
जंग
आलूदा
था
हर
इल्ज़ाम
तेरा
तू
मुझे
कैसे
हराता
मेरे
भाई
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
इश्क़
तू
ने
बड़ा
नुक़सान
किया
है
मेरा
मैं
तो
उस
शख़्स
से
नफ़रत
भी
नहीं
कर
सकता
Liaqat Jafri
Send
Download Image
32 Likes
कभी
तो
ख़त्म
हो
ये
जंग
जिस
में
फ़क़त
मरने
को
जीना
पड़
रहा
है
Read Full
Anand Verma
Send
Download Image
21 Likes
मुझ
से
नफ़रत
है
अगर
उस
को
तो
इज़हार
करे
कब
मैं
कहता
हूँ
मुझे
प्यार
ही
करता
जाए
Iftikhar Naseem
Send
Download Image
29 Likes
वो
जंग
जिस
में
मुक़ाबिल
रहे
ज़मीर
मिरा
मुझे
वो
जीत
भी
'अंबर'
न
होगी
हार
से
कम
Ambreen Haseeb Ambar
Send
Download Image
25 Likes
तू
मोहब्बत
से
कोई
चाल
तो
चल
हार
जाने
का
हौसला
है
मुझे
Ahmad Faraz
Send
Download Image
136 Likes
ऐसा
बदला
हूँ
तिरे
शहर
का
पानी
पी
कर
झूट
बोलूँ
तो
नदामत
नहीं
होती
मुझ
को
Shahid Zaki
Send
Download Image
29 Likes
जंग
में
जिन्हे
अब
तक
तुम
झुका
न
पाए
थे
झुक
रही
हैं
वो
सारी
पगड़ियाँ
मोहब्बत
में
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
7 Likes
ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
Read Full
Azm Shakri
Send
Download Image
38 Likes
नाज़
क्या
इस
पे
जो
बदला
है
ज़माने
ने
तुम्हें
मर्द
हैं
वो
जो
ज़माने
को
बदल
देते
हैं
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
27 Likes
आँधियों
से
लड़
रहे
हैं
जंग
कुछ
काग़ज़
के
लोग
हम
पे
लाज़िम
है
कि
इन
लोगों
को
फ़ौलादी
कहें
Ameer Imam
Send
Download Image
52 Likes
Read More
बात
तो
कुछ
नहीं
है
लेकिन
तुम
कुछ
नहीं
को
बहुत
कुछ
कहते
हो
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
अगर
तुम
मुस्कुरा
दो
तो
क़यामत
है
हमें
तो
इस
अदास
ही
मोहब्बत
है
ज़रूरी
तो
नहीं
हर
बार
झगड़े
हम
मोहब्बत
की
ज़ुबाँ
में
ख़ूब
लज़्ज़त
है
ख़ुशी
थमती
नहीं
है
मेरी
पहरों
तक
तुम्हारे
देखने
में
इतनी
बरकत
है
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
नहीं
भूलो
दिसंबर
की
नवाज़िश
को
कि
इस
ने
जनवरी
को
भी
बुलाया
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
दिल
दुखाती
है
मोहब्बत
आपकी
बढ़ती
रहती
है
शिकायत
आपकी
राज़
मेरा
फ़ाश
करते
हो
जनाब
बस
यही
तो
है
शराफ़त
आपकी
जब
से
देखा
आप
के
ही
हो
गए
पड़
गई
भारी
अयादत
आपकी
बेवफ़ाई
कर
के
मिल
ने
आ
गए
काफ़ी
ज़ालिम
है
इनायत
आपकी
शे'र
लिखते
हो
ज़माने
के
लिए
बढ़
रही
है
अब
सख़ावत
आपकी
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
1 Like
हम
अपने
अंदर
का
खज़ाना
भूल
गए
फिर
ख़ुद
को
इंसान
बनाना
भूल
गए
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Gareebi Shayari
Bewafa Shayari
Inquilab Shayari
Ummeed Shayari
Bebas Shayari