hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
ishq men sabr ki tum davaa mat karo
ishq men sabr ki tum davaa mat karo | इश्क़ में सब्र की तुम दवा मत करो
- Meem Alif Shaz
इश्क़
में
सब्र
की
तुम
दवा
मत
करो
इस
मुलाक़ात
को
तुम
क़ज़ा
मत
करो
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
कुछ
रिश्तों
में
दिल
को
आज़ादी
नइँ
होती
कुछ
कमरों
में
रौशनदान
नहीं
होता
है
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
43 Likes
इन
से
उम्मीद
न
रख
हैं
ये
सियासत
वाले
ये
किसी
से
भी
मोहब्बत
नहीं
करने
वाले
Nadim Nadeem
Send
Download Image
22 Likes
प्यार
करने
की
हिम्मत
नहीं
उनके
पास
और
हम
सेे
किनारा
भी
होता
नहीं
बात
सीधे
कही
भी
नहीं
जा
रही
और
कोई
इशारा
भी
होता
नहीं
उसको
उम्मीद
है
ऐश
होगी
बसर
साथ
में
जब
रहेगी
मिरे
वो
मगर
मुझपे
जितनी
मुहब्बत
बची
है
सखी
इतने
में
तो
गुज़ारा
भी
होता
नहीं
Read Full
Divyansh "Dard" Akbarabadi
Send
Download Image
14 Likes
कुछ
इस
सलीक़े
से
माथे
पे
उसने
होंट
रखे
बदन
को
छोड़
के
सारी
थकन
को
चूम
लिया
Harsh saxena
Send
Download Image
5 Likes
ख़ुद-कुशी
जुर्म
भी
है
सब्र
की
तौहीन
भी
है
इस
लिए
इश्क़
में
मर
मर
के
जिया
जाता
है
Ibrat Siddiqui
Send
Download Image
28 Likes
तेरी
गली
को
छोड़
के
पागल
नहीं
गया
रस्सी
तो
जल
गई
है
मगर
बल
नहीं
गया
मजनूँ
की
तरह
छोड़ा
नहीं
मैं
ने
शहर
को
या'नी
मैं
हिज्र
काटने
जंगल
नहीं
गया
Read Full
Ismail Raaz
Send
Download Image
71 Likes
मैं
जंगलों
की
तरफ़
चल
पड़ा
हूँ
छोड़
के
घर
ये
क्या
कि
घर
की
उदासी
भी
साथ
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
54 Likes
यूँँ
ही
बस
वो
मुझको
छोड़
के
सब
सेे
मिलता
रहता
है
बच्चा
भी
तो
ग़लत
किताबें
रख
लेता
है
बस्ते
में
Shahnaz Parveen Sahar
Send
Download Image
20 Likes
अब
के
सावन
में
शरारत
ये
मिरे
साथ
हुई
मेरा
घर
छोड़
के
कुल
शहर
में
बरसात
हुई
Gopaldas Neeraj
Send
Download Image
47 Likes
मैं
हर
शख़्स
के
चेहरे
को
बस
इस
उम्मीद
से
तकता
हूँ
शायद
से
मुझको
दो
आँखें
तेरे
जैसी
दिख
जाएँ
Siddharth Saaz
Send
Download Image
37 Likes
Read More
हम
तेरे
कूचे
में
अक्सर
क्यूँ
आते
रहते
हैं
तू
ये
बात
समझ
जाए
तो
तुझ
को
इश्क़
हो
जाए
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
कभी
भी
हिज्र
में
मातम
नहीं
करते
कि
हम
तस्वीर
अपने
साथ
रखते
हैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
हवा
ने
जब
से
दरवाज़ा
हिलाया
है
हमें
भी
मौत
का
अहसास
है
यारों
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
दिल
की
नस
नस
जुड़ी
है
तिरे
नाम
से
कैसे
भूले
तुझे
एक
दो
जाम
से
मेरी
बीनाई
भी
कम
हुई
जाती
है
इतना
ढूँढा
तुझे
तेरे
पैग़ाम
से
तूने
मेंहदी
रचा
ली
है
हाथों
पे
क्या
दिल
बहुत
ग़म
ज़दा
है
मिरा
शाम
से
अब
पशेमानी
कोई
न
होगी
मुझे
मैं
परेशाँ
था
उल्फ़त
के
ही
काम
से
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
इश्क़
में
हाथ
मिलाने
का
मज़ा
मत
पूछो
मोम
का
जिस्म
अगर
होता
पिघल
ही
जाता
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Ulfat Shayari
Khafa Shayari
Narazgi Shayari
Faith Shayari
Jashn Shayari