hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
har shajar pe koi fal aa.e zaroori to nahin
har shajar pe koi fal aa.e zaroori to nahin | हर शजर पे कोई फल आए ज़रूरी तो नहीं
- Meem Alif Shaz
हर
शजर
पे
कोई
फल
आए
ज़रूरी
तो
नहीं
सब
की
क़िस्मत
आज
खुल
जाए
ज़रूरी
तो
नहीं
माना
वो
तो
बे-वफ़ा
निकला
शुरू
में
ही
मगर
लौट
के
वापस
नहीं
आए
ज़रूरी
तो
नहीं
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
परिंदे
लड़
ही
पड़े
जाएदाद
पर
आख़िर
शजर
पे
लिक्खा
हुआ
है
शजर
बराए-फ़रोख़्त
Afzal Khan
Send
Download Image
24 Likes
परिंद
क्यूँँ
मिरी
शाख़ों
से
ख़ौफ़
खाते
हैं
कि
इक
दरख़्त
हूँ
और
साया-दार
मैं
भी
हूँ
Asad Badayuni
Send
Download Image
23 Likes
यूँँ
नहीं
है
कि
फ़क़त
मैं
ही
उसे
चाहता
हूँ
जो
भी
उस
पेड़
की
छाँव
में
गया
बैठ
गया
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
87 Likes
पेड़
के
काटने
वालों
को
ये
मालूम
तो
था
जिस्म
जल
जाएँगे
जब
सर
पे
न
साया
होगा
Kaifi Azmi
Send
Download Image
30 Likes
वो
पेड़
जिस
की
छाँव
में
कटी
थी
उम्र
गाँव
में
मैं
चूम
चूम
थक
गया
मगर
ये
दिल
भरा
नहीं
Hammad Niyazi
Send
Download Image
18 Likes
सब
परिंदों
से
प्यार
लूँगा
मैं
पेड़
का
रूप
धार
लूँगा
मैं
तू
निशाने
पे
आ
भी
जाए
अगर
कौन
सा
तीर
मार
लूँगा
मैं
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
190 Likes
जिसे
तुम
काट
आए
उस
शजर
को
ढूँढता
होगा
परिंदा
लौटकर
के
अपने
घर
को
ढूँढता
होगा
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
25 Likes
इसलिए
भी
इस
शजर
से
सबको
इतना
प्यार
है
दे
रहा
है
फल
अभी
ये
और
सायादार
है
ऐ
ख़ुदा
इस
ना-ख़ुदा
की
ख़ैर
हो
ये
नासमझ
ये
समझता
है
कि
इसके
हाथ
में
पतवार
है
Read Full
Vashu Pandey
Send
Download Image
35 Likes
पेड़
को
काटने
वाले
क्या
जाने
दुख
हम
गले
लग
नहीं
सकते
दीवार
से
Neeraj Neer
Send
Download Image
49 Likes
साया
है
कम
खजूर
के
ऊँचे
दरख़्त
का
उम्मीद
बाँधिए
न
बड़े
आदमी
के
साथ
Kaif Bhopali
Send
Download Image
37 Likes
Read More
आँखों
में
ग़ुस्सा,
होंठों
पे
चाहत
इस
को
कहते
है
थोड़ी
सी
हिम्मत
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
बस
बातें
करने
में
बेहद
माहिर
है
वो
लड़का
जब
कोई
सुन्नत
पूछो
तो
गूँगा
बन
जाता
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
साफ़
सुथरी
होती
थी
पहले
मोहब्बत
जिस्म
में
यह
दिल
उलझता
ही
नहीं
था
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
इतनी
तो
मसरूफ़ियत
देखी
नहीं
थी
चलते
चलते
पूछते
हैं
तुम
कहाँ
हो
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
किस
ने
काटे
है
मेरी
उम्मीदों
के
पर
पानी
भी
पीता
हूँ
तो
ज़हर
सा
लगता
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Subhan Asad
Anjum Saleemi
Siraj Faisal Khan
Zubair Ali Tabish
Swapnil Tiwari
Firaq Gorakhpuri
Aziz Nabeel
Jaan Nisar Akhtar
Ameer Minai
Zafar Gorakhpuri
Get Shayari on your Whatsapp
Dillagi Shayari
Shikwa Shayari
Bekhudi Shayari
Hunar Shayari
Nature Shayari