hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
aankhoñ men gussa hothon pe chaahat
aankhoñ men gussa hothon pe chaahat | आँखों में ग़ुस्सा, होंठों पे चाहत
- Meem Alif Shaz
आँखों
में
ग़ुस्सा,
होंठों
पे
चाहत
इस
को
कहते
है
थोड़ी
सी
हिम्मत
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
चेहरा
धुँदला
सा
था
और
सुनहरे
झुमके
थे
बादल
ने
कानों
में
चाँद
के
टुकड़े
पहने
थे
इक
दूजे
को
खोने
से
हम
इतना
डरते
थे
ग़ुस्सा
भी
होते
तो
बातें
करते
रहते
थे
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
82 Likes
हवा
ख़फ़ा
थी
मगर
इतनी
संग-दिल
भी
न
थी
हमीं
को
शमा
जलाने
का
हौसला
न
हुआ
Qaisar-ul-Jafri
Send
Download Image
28 Likes
दो
दफ़ा
ग़ुस्सा
हुए
वो
एक
ग़लती
पर
मेरी
रात
की
रोटी
सवेरे
काम
में
लाई
गई
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
13 Likes
ग़ुस्से
में
भींच
लेता
है
बाँहों
में
अपनी
वो
क्या
सोचना
है
फिर
उसे
ग़ुस्सा
दिलाइए
Pooja Bhatia
Send
Download Image
61 Likes
निभेगी
किस
तरह
दिल
सोचता
है
अजब
लड़की
है
जब
देखो
ख़फ़ा
है
Fuzail Jafri
Send
Download Image
33 Likes
देर
से
आने
पर
वो
ख़फ़ा
था
आख़िर
मान
गया
आज
मैं
अपने
बाप
से
मिलने
क़ब्रिस्तान
गया
Afzal Khan
Send
Download Image
37 Likes
मुझको
गया
था
छोड़
के
वो
कितने
तैश
में
लेकिन
ख़ुशी
से
रह
न
सका
एक
साल
भी
Ankit Maurya
Send
Download Image
32 Likes
इतना
तो
बता
जाओ
ख़फ़ा
होने
से
पहले
वो
क्या
करें
जो
तुम
से
ख़फ़ा
हो
नहीं
सकते
Asad Bhopali
Send
Download Image
37 Likes
यूँँ
लगे
दोस्त
तिरा
मुझ
से
ख़फ़ा
हो
जाना
जिस
तरह
फूल
से
ख़ुशबू
का
जुदा
हो
जाना
Qateel Shifai
Send
Download Image
43 Likes
किस
किस
को
बताएँगे
जुदाई
का
सबब
हम
तू
मुझ
से
ख़फ़ा
है
तो
ज़माने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
Send
Download Image
53 Likes
Read More
क़लम
को
ही
बना
शमशीर
हिम्मत
कर
जो
तेरा
है
उसे
लेने
की
जुर्रत
कर
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
मैं
हक़
की
बात
कहता
जा
रहा
हूँ
तभी
तो
तन्हा
छोड़ा
जा
रहा
हूँ
पड़ोसी
की
मोहब्बत
देखिएगा
मुक़दमों
से
सताया
जा
रहा
हूँ
मोहब्बत
ही
मोहब्बत
की
है
फिर
भी
मैं
घर
से
भी
निकाला
जा
रहा
हूँ
न
पूछो
मेरी
हालत
कैसी
है
अब
बिना
पानी
के
डूबा
जा
रहा
हूँ
उदासी
को
छुपाकर
अपने
दिल
में
ख़ुशी
के
नग़्में
गाता
जा
रहा
हूँ
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
तुम
नए
लहजे
में
बात
क्यूँ
करते
हो
हम
पुराने
ही
लहजे
के
दीवाने
हैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
मैं
तो
तुम
को
भूल
चुका
हूँ
जाने
कब
का
महबूबा
अपना
चेहरा
याद
दिला
के
मुझ
को
हैरत
में
डालो
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
दुश्मनों
से
भी
मिला
करते
हैं
हम
परों
को
भी
सिया
करते
हैं
पैरों
में
काँटे
चुभाने
वाले
हम
मुसीबत
में
हँसा
करते
हैं
जो
प्यासे
हैं
ज़माने
से
वो
तिश्नगी
को
भी
पिया
करते
हैं
भूल
जाते
हैं
हक़ीक़त
अपनी
आसमाँ
को
जो
छुआ
करते
हैं
इश्क़
देखोगे
हमारा
कैसे
हम
तो
ख़्वाबों
में
मिला
करते
हैं
दीप
वो
कैसे
जला
पाएँगे
जो
हवाओं
से
डरा
करते
हैं
रूह
की
ख़ुशबू
को
वो
क्या
जाने
हुस्न
पे
ही
जो
मरा
करते
हैं
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Zulf Shayari
Aazaadi Shayari
Falak Shayari
Sazaa Shayari
Bahana Shayari